बीओपी पर 20 फोर्ड एंडेवर
बीओपी पर 20 फोर्ड एंडेवर भी उपलब्ध कराई गईं। बाद में फॉर्च्यूनर को भी आईटीबीपी के बेड़े में शामिल किया गया है। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडे बताते हैं कि उसके बाद लगातार ऐसे हैवी व्हीकल खरीदे जा रहे हैं।
अब इन वाहनों को अपडेट करने की योजना पर काम कर रहे हैं। जवानों की मूवमेंट में किसी तरह की बाधा न पहुंचे, इसके लिए आने वाले वर्षों में कुछ खास किस्म के वाहन बॉर्डर पर देखने को मिल सकते हैं।
आईटीबीपी के पूर्व डीआईजी जेवीएस चौधरी कहते हैं कि लद्दाख में आईटीबीपी फ्रंट फुट पर है। वहां पर हर समय सजग रहना पड़ता है। जवानों की मूवमेंट लगातार होती रहती है।
अब वह समय आ गया है कि हमें यहां पर ज्यादा से ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा।
सड़कों का निर्माण कार्य तेज करना चाहिए। हमें इस बर्फीले इलाके में अपग्रेड वाहनों की सख्त जरूरत है। विशेषकर हैवी इंजन वाली 4X4 गाड़ियां एवं एटीवी लेनी होंगी। हालांकि इस दिशा में फोर्स काम कर रही है।
लद्दाख में एक तिहाई ऑक्सीजन के साथ रहना पड़ता है। इसका असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि गाड़ियों पर भी होता है। मैदानी भाग में गाड़ी का 60 एचपी का स्तर लद्दाख में 15-20 एचपी रह जाता है।
ऐसे में हैवी ड्यूटी ट्रैक्टर या हाईपावर एसयूवी यहां के खराब मौसम और सड़कों के अनुरूप हैं। बल को ये वाहन ज्यादा खरीदने चाहिए।