मौके से दो ‘अनआइडेंटीफाइड ऑब्जेक्ट’ मिलने की बात सामने आई है। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने भी अपनी गोपनीय जांच में ट्रैक पर किसी ऑब्जेक्ट के रखे होने के कारण फ्लेंच टूटने से हादसे की आशंका जताई है। हालांकि साजिश और सामान्य रेल हादसे को लेकर रेलवे अफसर व आरपीएफ के अलग-अलग विचार हैं।
हादसे के पीछे साजिश की आशंका को लेकर फिलहाल किसी अफसर ने साफ-साफ कुछ नहीं कहा है। सभी घटना की हर स्तर पर जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कर रहे हैं। लेकिन, हादसे के बाद एटीएस, बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और डीआईजी रेंज की एंटी सर्विलांस चेक टीम के मौके पर पहुंचने से हादसे के पीछे किसी साजिश की आशंका को बल मिल रहा है।
हादसे के स्थान पर टूटी पटरी के करीब सवा मीटर टुकड़े पर एक डेंट बताया जा रहा है, जिससे ट्रैक पर किसी आब्जेक्ट को रखकर हादसे को अंजाम दिए जाने की आशंका है। पटरी के इस टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। वहीं एटीएस ने भी आरपीएफ से साक्ष्य जुटाए हैं। इधर, ब्लाक लेकर मरम्मत करने के चलते गरीब रथ, काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, जम्मू तवी एक्सप्रेस सहित छह ट्रेनें लेट हो गईं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार सुबह मेरठ से लखनऊ जा रही राज्यरानी एक्सप्रेस रामपुर में कोसी नदी पार करके बड़े हादसे का शिकार हो गई थी। ट्रेन की 12 में से 10 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। हादसे से आरपीएफ, सिविल पुलिस, जीआरपी, रेलवे के अफसरों में हड़कंप मच गया। पूरा दिन अफसरों के मौके पर पहुंचने और जांच का दौर चला। इसी बीच शासन के निर्देश पर मामले की एटीएस ने जांच शुरू कर दी। एटीएस के एएसपी बृजेश श्रीवास्तव ने भी मौके पर पहुंच कर साक्ष्य एकत्र किए।
रेलवे के सूत्रों के अनुसार घटना में भले ही आरपीएफ द्वारा पटरी फ्रैक्चर होने की वजह बताई जा रही है लेकिन, मौके पर मिली टूटी पटरी पर एक डेंट का निशान भी था। जिससे पटरी पर कोई वस्तु रखे होने के कारण हादसे की आशंका जताई जा रही है। हादसे की असली वजह जानने के लिए टूटी हुई पटरी के करीब सवा मीटर टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।