एके शर्मा
एके शर्मा 1987 बैच के गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें 2015 में सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया था। इसी साल उन्हें पदोन्नति देकर सीबीआई का अतिरिक्त निदेशक बनाया गया है और राकेश अस्थाना जिन मामलों की जांच कर रहे थे, वो सारे मामले अब उनसे लेकर एके शर्मा को सौंप दिए गए हैं। वह अब लगभग सभी मामलों में सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सलाह देते हैं।
देवेंद्र कुमार
देवेंद्र कुमार सीबीआई में डीएसपी के पद पर हैं। उन्हें सोमवार को ही राकेश अस्थाना रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई ने उनपर आरोप लगाया है कि उन्होंने राकेश अस्थाना द्वारा आलोक कुमार पर लगाए गए आरोप को सही साबित करने के लिए फर्जी स्टेटमेंट लिया था।
सीबीआई के मुताबिक, सतीश सना 26 अक्तूबर को दिल्ली में नहीं था, वो हैदराबाद में था, जबकि देवेंद्र ने 26 तारीख को उसका फर्जी स्टेटमेंट रिकॉर्ड कर दिया। ये स्टेटमेंट 161 का है, जो सवाल-जवाब के रूप में है। सवाल नंबर 5 में पूछा गया था कि तुमने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया, तुमने ये कैसे सोच लिया कि तुम्हारी जांच प्रकिया पूरी हो गयी है। उसका जवाब था कि वो राज्यसभा के सदस्य से मिला था, जिन्होंने बोला था कि उनकी सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा से बात हो गयी है, अब तुम्हें पूछताछ के लिए नोटिस नहीं आएगा।
मोइन कुरैशी
दून स्कूल और सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़े मोइन कुरैशी ने सबसे पहले 1993 में उत्तर प्रदेश के रामपुर में एक बूचड़खाना खोला था और उसके बाद वो धीरे-धीरे देश का सबसे बड़ा मीट व्यापारी बन गया। कुरैशी को 2017 में दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया था। उस समय वह दुबई भागने की फिराक में था। उसपर टैक्स चोरी और हवाला के जरिए काले धन को सफेद बनाने संबंधी आरोप लगे हैं। उसे सीबीआई के पूर्व निदेशक एपी सिंह और रंजीत सिन्हा का करीबी भी माना जाता है।
सतीष बाबू सना
सतीष बाबू सना हैदराबाद का एक बड़ा कारोबारी है। कुछ साल पहले वो आंध्र प्रदेश के बिजली विभाग में एक कर्मचारी के तौर पर काम कर रहा था, लेकिन बाद में उसने नौकरी छोड़ दी और खुद का बिजनेस शुरू किया और कई कंपनियों का मालिक बन बैठा। उसके कई बड़े नेताओं से संबंध हैं। सबसे पहले उसका नाम तब सामने आया था, जब ई्डी मोइन कुरैशी मामले की जांच कर रही थी।
मनोज और सोमेश प्रसाद
मनोज दुबई का एक बिचौलिया है, जिसे सीबीआई ने हिरासत में लिया है। वह अपने आप को एक बैंकर बताता है और अपने भाई सोमेश के साथ कारोबार संभालता है। सना ने आरोप लगाया है कि मनोज ने उससे 5 करोड़ रुपये की डिमांड की थी, ताकि उसका नाम केस से हटाया जा सके। उसका आरोप है कि ये पैसे राकेश अस्थाना को देने के लिए मांगे गए थे।