प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार 30 मई को शाम सात बजे अपने पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। उनके साथ उनके मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्य भी शपथ लेंगे। इसके साथ ही लोगों की नजरें इस बात पर लग गई हैं कि इस बार केंद्रीय मंत्रिमंडल में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश से कौन से चेहरे शामिल होंगे। कयास लगाया जा रहा है कि इस बार उत्तर प्रदेश से कुछ नए चेहरे भी मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश ने इस लोकसभा चुनाव में भाजपा को 62 और अपना दल (एस) को दो सीटें दी हैं। इससे मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश की भूमिका अहम होने की बात तय मानी जा रही है।
पिछले मंत्रिमंडल में शामिल रहे राजनाथ सिंह, मेनका गांधी, पूर्व जनरल वीके सिंह, सत्यपाल सिंह और महेश शर्मा को दोबारा मंत्री बनने का मौका मिलना लगभग तय माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री रहीं स्मृति ईरानी इस बार अमेठी से राहुल गांधी को हराकर संसद पहुंची हैं, इसलिए उनके भी मंत्रिमंडल में शामिल होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही एनडीए की सहयोगी दल अपना दल (एस) से अनुप्रिया पटेल का दोबारा मंत्री बनना भी तय है। पिछले मंत्रिमंडल में शामिल कलराज मिश्रा इस बार लोकसभा चुनाव नहीं लड़े। वहीं रेल मंत्री रहे मनोज सिन्हा गाजीपुर से अफजाल अंसारी के सामने चुनाव हार चुके हैं।
यूपी से कुछ नए मजबूत चेहरे इस बार लोकसभा में चुनकर आए हैं जिनके मंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना है। इनमें इलाहाबाद से चुनकर आईं रीता बहुगुणा जोशी और कानपुर से जीते सत्यदेव पचौरी यूपी सरकार में भी मंत्री थे, इसलिए कयास लगाया जा रहा है कि इन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी जगह मिल सकती है। भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्या भी बदायूं से चुनाव जीतकर संसद पहुंची हैं और उन्हें भी हाई प्रोफाइल चेहरा माना जा रहा है।
मनोज सिन्हा को लेकर चर्चा तेज
केंद्रीय रेल मंत्री रहे मनोज सिन्हा नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल के उन प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं जो अपनी कर्मठता और ईमानदारी के कारण लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रहे। उन्हें अपने क्षेत्र गाजीपुर में विकास के ढेरों काम करने के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने अपने क्षेत्र के लिए कई प्रमुख ट्रेनें भी चलाईं थीं। यही कारण है कि उनकी पराजय को पार्टी के अंदर भी जातीय गणित के कारण हुई तकनीकी हार के ही रुप में देखा जा रहा है। केंद्रीय नेताओं के बीच उनकी साख मजबूत है और यही कारण है इस बार भी उनके मंत्रिमंडल में शामिल किये जाने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि जिस तरह पिछले चुनाव में अमृतसर में हार के बाद भी अरुण जेटली को सरकार में शामिल किया गया था, उसी प्रकार मनोज सिन्हा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। बाद में राज्यसभा के जरिये उन्हें संसद का सदस्य बनाया जा सकता है।
पिछली सरकार में मंत्री
पिछली सरकार में उत्तर प्रदेश की मंत्रिमंडल में अच्छी भागीदारी थी। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी, लघु एवं मझले उद्योग मंत्री कलराज मिश्रा, रेल मंत्री मनोज सिन्हा, विदेश राज्यमंत्री पूर्व जनरल वीके सिंह, पर्यटन मंत्री महेश शर्मा, वित्त राज्य मंत्री (राज्यसभा सांसद) शिवप्रताप शुक्ला और साध्वी निरंजना ज्योति मंत्रिमंडल में शामिल थे। इसके अलावा सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) से अनुप्रिया पटेल भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल थीं।