आर्थिक कारण:
पुलवामा आतंकी हमले के बाद पेरिस स्थित फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को आतंक के वित्तपोषण पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। वित्तीय निगरानी इकाई ने पाकिस्तान में 2017 में जारी 5,548 संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) की तुलना में 2018 में 8,707 संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) जारी किए हैं। इस साल जनवरी और फरवरी में लगभग 1,136 एसटीआर जारी किए गए हैं। दुनिया भर में आतंकी फाइनेंसिंग को रोकने के लिए काम करने वाली संस्था फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स ने पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में बरकरार रखा है।
टास्क फोर्स के अनुसार, अक्टूबर, 2019 तक यदि पाकिस्तान उसकी 27 मांगों पर काम नहीं करता है तो उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। भारत-पाक सम्बन्धों के जानकार और इंडियन इन्स्टिटूट ऑफ पीस एंड कॉन्फ्लिक्ट स्टडीज से जुड़े सरल शर्मा बताते हैं कि अगर ऐसा होता है तो आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान बुरी तरह फंस जाएगा।वहां की अर्थव्यवस्था जो पहले ही चरमरा रही है, ब्लैकलिस्ट होने के बाद तो वह खत्म होने की कगार पर पहुंच सकती है।
कूटनीति कारण:
आतंकवाद के मसले पर दुनिया के साठ से ज्यादा देश भारत के साथ खड़े हैं। सभी जानते हैं कि सुरक्षा परिषद में चीन और पाकिस्तान 'ऑल वेदर फ्रेंड्स' हैं। चीन ही आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित नहीं होने देता। वजह, बीजिंग, नई दिल्ली को एक प्रतियोगी के तौर पर देखता है। चीन की यह सोच भी रहती है कि भारत उसके लिए खतरा बन सकता है।
भारत में मध्यम वर्ग की आर्थिक क्षमता जिस तेजी से बढ़ी है, उससे यहां एक बड़े बाजार की संभावनाएं बनती जा रही हैं। चीन यह नहीं चाहता है कि भारत उससे आगे निकल जाए। यही वजह है कि वह पाकिस्तान को आर्थिक मदद देकर भारत के खिलाफ अपने छिपे एजेंडे को आगे बढ़ाता रहता है। इस बार पुलवामा हमले के बाद अमेरिकन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित दुनिया के कई दूसरे नेता भारत के साथ खड़े रहे हैं।
भारत ने विभिन्न देशों के राष्ट्र अध्यक्षों, शासनाध्यक्षों और दूतावास अधिकारियों के साथ संपर्क कर उन्हें अपने पक्ष में किया है। विदेश मंत्री सुष्मा स्वराज ने चीन का दौरा कर वहाँ की सरकार को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। हालांकि बड़ी बात ट्रम्प का आतंकवाद को लेकर भारत का पक्ष लेना, यह भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक सफलता रही है।
एयर स्ट्राइक से पहले ट्रम्प का यह कहना कि भारत कुछ बड़ा करने वाला है और स्ट्राइक शुरु होने के बाद ट्रम्प ने कहा, भारत-पाक से अच्छी खबर आने वाली है, ये बातें साबित करती हैं कि अमेरिकन राष्ट्रपति के संज्ञान में बहुत कुछ था।इसके चलते भी अब पाकिस्तान आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहा है। सुरक्षा परिषद के वीटो हासिल तीन देश जो जैश ए मोहम्मद के ख़िलाफ़ प्रस्ताव ला रहे हैं, उनमें अमेरिका सबसे ऊपर है।