नोटबंदी की वजह से लोग परेशान है उन्हें अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक और एटीएम की लाइनों में खड़े होना पड़ रहा है। मोदी सरकार के इस फैसले पर राजनीति भी जमकर हो रही है।
विपक्ष पूरी तरह से संसद में नोटबंदी पर पीएम के जवाब के लिए अड़ा हुआ है। वहीं इन सबसे अलग नोटबंदी का ये फैसला आम आदमी के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
अगर आप जानना चाहते हैं कि किस तरह से नोटबंदी का ये फैसला आपकी परेशानी से अलग आपको फायदा भी पहुंचाएगा, तो ये खबर आपके लिए ही है।
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नोटबंदी से लोन होंगे सस्ते
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1- नोटबंदी से लोन होंगे सस्ते
एसबीआई की चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य ने नोटबंदी के फैसले के बाद कहा कि नोटबंदी के फैसले से सभी तरह के रेट्स कम होंगे। भट्टाचार्य ने कहा कि अभी लोन की मांग कम है।
बैंकों के पास पैसा काफी है, जिससे आने वाले समय में लोन सस्ते होंगे। पैसे ज्यादा होने की वजह से बैंकों ने अपने डिपॉजिट रेट्स में भी बदलाव किया है। जिसका असर भी लोन पर पड़ेगा।
स्टेट बैंक ने अपना डिपॉजिट रेट 0.15 प्रतिशत घटा दिया है जो कि अब 6.90 प्रतिशत हो गया है। इस वजह से इकॉनॉमी को भी बूस्ट मिलेगा।
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हिंसा पर लगाम, बनी रहेगी शांति
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2- हिंसा पर लगाम, बनी रहेगी शांति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को नोटबंदी के अपने भाषण में स्पष्ट किया था, कि कालेधन का सबसे ज्यादा पैसा आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में इस्तेमाल होता है।
सूत्र बताते हैं कि नोटबंदी ने हिंसाग्रस्त कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी पर ब्रेक लगा दिया है। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद उपद्रव के आकाओं के पास पत्थरबाजों को दिहाड़ी देने के पैसे नहीं हैं। लिहाजा, अमन बहाली को गति मिल गई है।
पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी कहा कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने से आतंकवाद की जड़ कटेगी। आतंकियों को फंडिंग रुकने से घाटी सहित पूरे भारत में देश विरोधी गतिविधियों को रोकने में सफलता मिलेगी। एनआई की जांच में भी खुलासा हुआ है कि काला धन और नकली करेंसी से आतंकवाद फलता- फूलता रहा है। अब आतंक को खाद-पानी मिलना बंद हो रहा है।
बचत को बढ़ावा, जनधन खातों में बढ़ेगा पैसा
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3- बचत को बढ़ावा, जनधन खातों में बढ़ेगा पैसा
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो सालों में सरकार ने जनधन योजना के तहत बड़ी संख्या में बैंक खाते खुलवाए हैं लेकिन इनमें बचत की राशि उस हिसाब से नहीं हुई जितना सरकार चाहती थी।
इन खातों का कुल डिपोजिट बेस में हिस्सा एक फीसदी से भी कम है। जनधन के खातों में अब सक्रियता बढ़ रही है। लोग नोटबंदी के बाद अपने इन खातों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
जिन लोगों ने कभी बैंकों का रुख नहीं किया है वो लोग भी बैंक जा रहे हैं। ऐसे में बैंकों के प्रति जागरुकता और सक्रियता बढ़ रही है। जिसका सीधा फायदा आम जन को मिल रहा है।
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रिश्वत के लेन-देन में आएगी कमी
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- फोटो : फाइल फोटो
4- आम जनता का जीवन स्तर सुधरेगा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने दावा किया है कि सरकार के इस कदम से अगले कुछ महीनों में देश की अर्थव्यवस्था में गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा। सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि नकदी के चलन की बजाय कैशलैश विकल्पों पर लोग ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। वित्त मंत्री के अनुसार नोटबंदी के बड़े फैसले से गरीबी मिटाने में भी मदद मिलेगी जिससे आम जनता का जीवन स्तर सुधरेगा।
5- रिश्वत के लेन-देन में आएगी कमी
वित्तमंत्री ने ये भी दावा किया है कि नोटबंदी के फैसले से रिश्वत के लेन-देन में कमी आएगी। ऐसे में अगर वित्तमंत्री का ये दावा सही साबित होता है तो लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। सरकारी महकमों में उनके काम आसानी से हो जाएंगे।
6- बढ़ेगी डिजिटल ईकॉनॉमी
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बयान में कहा है कि नोटबंदी के फैसले से डिजिटल ईकॉनोमी बढ़ेगी और देश की अर्थव्यवस्था में सुधार होगा। इससे आम आदमी को भी सीधे तौर पर फायदा होगा। लोग कैश की जगह डिजिटल पेमेंट की तरफ बढ़ेंगे। जिससे पैसों के हेर-फेर में कमी आएगी।
7-रोजगार में होगी बढ़ोत्तरी
केंद्र सरकार दावा कर रही है कि नोटबंदी से सरकार के पास पैसा बढ़ेगा, जिससे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए मजदूरों और कुशल मानव संसाधन की जरूरत होगी, जिससे रोजगार बढ़ेगा। इससे उन लोगों को भी रोजगार मिलेगा जो कुशल श्रमिकों की श्रेणी में नहीं आते हैं।