पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भी सिंधु जल संधि को लेकर बेतुकी बयानबाजी की थी। भुट्टो ने सिंधु जल संधि के निलंबन को सिंधु घाटी सभ्यता पर हमला बताया था और कहा था कि अगर भारत ने युद्ध थोपने की कोशिश की, तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक बार फिर गीदड़ भभकी दिखाते हुए सिंधु जल संधि को लेकर कहा कि 'दुश्मन पाकिस्तान से एक बूंद भी नहीं छीन सकता।' इस पर भाजपा नेता दिलीप घोष ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास अब कुछ नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपना अंतरराष्ट्रीय समर्थन खो रहा है, जिनमें पाकिस्तान का प्रमुख सहयोगी चीन भी शामिल है।
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'पाकिस्तान जैसे भिखारी देश की कोई कीमत नहीं'
दिलीप घोष ने कहा कि 'अब पाकिस्तान के लिए कुछ नहीं बचा है। चीन, भारत के खिलाफ पाकिस्तान का समर्थन करता था, लेकिन अब चीन, भारत से हाथ मिला रहा है। एक पाकिस्तान जैसे भिखारी देश की कोई कीमत नहीं है। यही वजह है कि उसके नेता ऐसे बयान दे रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों के पास खाना, स्वास्थ्य सेवाएं और नौकरियां नहीं हैं। लोग देश छोड़कर भाग रहे हैं और अब वहां सिर्फ आतंकी रह गए हैं।'
भारत के कदम से बौखलाया पाकिस्तान
बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए साल 1960 में दोनों देशों के बीच हुई सिंधु जल संधि को 'स्थगित' कर दिया था। उसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और इसी बौखलाहट में उसके नेता कई बार भारत को गीदड़भभकी दे चुके है कि अगर भारत ने पानी रोका तो इसे युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा। हाल ही में एक कार्यक्रम में एक बार फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने ऐसा ही बेतुका बयान दिया।
इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने भी सिंधु जल संधि को लेकर इसी तरह की बयानबाजी की थी। भुट्टो ने सिंधु जल संधि के निलंबन को सिंधु घाटी सभ्यता पर हमला बताया था और कहा था कि अगर भारत ने युद्ध थोपने की कोशिश की, तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा। वहीं, अमेरिका के फ्लोरिडा में पाकिस्तानी समुदाय को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी कथित रूप से कहा कि अगर भारत ने पाकिस्तान का पानी रोका, तो इस्लामाबाद किसी भी बांध को नष्ट कर देगा।