देश को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वालों से निपटने के लिए बनाए गए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पास बैंकों के लाखों करोड़ रुपये लेकर हड़प कर जाने वालों को विदेश भागने से रोकने के लिए कोई कानून नहीं है। प्रवर्तन निदेशालय ने यह जानकारी आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद संजय सिंह द्वारा उन्हें लिखे एक पत्र के जवाब में दी है। संजय सिंह ने ईडी को 4 मई को लिखे एक पत्र में नीरव मोदी और विजय माल्या के विदेश भाग जाने का उदाहरण देते हुए पूछा था कि जिन लोगों ने बैंकों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज दबा रखे हैं, उनको विदेश भागने से रोकने के लिए निदेशालय क्या उनके पासपोर्ट जब्त कर सकता है?
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के पत्र के जवाब ईडी ने दिया जवाब
अपने पत्र में सांसद ने देश के 18 बड़े बैंक डिफॉल्टरों के नाम और राशि भी लिखी थी। लेकिन ईडी ने 3 जून के सांसद के भेजे उत्तर में किसी का पासपोर्ट जब्त करने से साफ इनकार कर दिया। उसका कहना है कि वह केवल 1999 के विदेशी मुद्रा नियमन कानून (फेमा) और 2002 के मनी लॉन्ड्रिंग प्रिवेंशन कानून (पीएमएलए) के तहत ही किसी के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। लेकिन सांसद द्वारा भेजे गए नाम इनमें से किसी कानून का उल्लंघन नहीं करते हैं, इसलिए उनका पासपोर्ट जब्त करने का कई औचित्य नहीं है।
संजय सिंह का कहना है कि यदि देश में डिफॉल्टरों को विदेश भागने से रोकने का कोई कानून ही नहीं है तो फिर क्या सरकार चिड़िया के खेत चुगने का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को मानसून सत्र के दौरान संसद में उठाकर सरकार से देश के लाखों करोड़ रुपये लेकर विदेश भागने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाने के लिये कानून बनाने का आग्रह करेंगे।