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SC: 'अदालत से माफी मांगने में कोई बुराई नहीं', बड़े वकील का नाम लेकर सुनवाई स्थगित कराने पर बोले जस्टिस ओका

Thu, 20 Feb 2025 09:05 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील का नाम लेकर सुनवाई स्थगित कराने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आया। गुरुवार को वरिष्ठ वकील ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि उनकी जानकारी के बिना सुनवाई स्थगित करने की अपील की गई थी। इस पर न्यायमूर्ति अभय एस ओका ने कहा कि हो सकता है आपको न्यायाधीश पसंद न हों लेकिन अदालत से माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है। 
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न्यायमूर्ति अभय ओका - फोटो : ani
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील का नाम लेकर सुनवाई स्थगित कराने के मामले में गुरुवार को नया मोड़ आया। गुरुवार को वरिष्ठ वकील ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि उनकी जानकारी के बिना सुनवाई स्थगित करने की अपील की गई थी। इस पर न्यायमूर्ति अभय एस ओका ने कहा कि हो सकता है आपको न्यायाधीश पसंद न हों लेकिन अदालत से माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है। 

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शीर्ष अदालत में न्यायमूर्ति अभय एस ओका और उज्जवल भुइयां की पीठ को वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे के कार्यालय के एक वकील ने बताया कि उनके नाम पर सुनवाई स्थगित करने की मांग करना गलत है। साल्वे को इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। 

इस पर न्यायमूर्ति अभय एस ओका ने कहा कि यदि वकील अदालत से मापीऊ मांग लें तो इसमें कोई बुराई नहीं है। हो सकता है आपको न्यायाधीश पसंद न हों लेकिन अदालत से माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है। आपको कोई न्यायाधीश व्यक्तिगत रूप से पसंद न हों, लेकिन बार के कनिष्ठ सदस्यों द्वारा पश्चाताप नहीं दिखाया जाता है। यह भविष्य में उनके लिए हानिकारक होगा। माफी संस्था से मांगी जानी चाहिए न कि व्यक्तिगत न्यायाधीशों से। यहां समय बीतने के साथ यह प्रथा भी गायब हो गई है। क्योंकि बार के सदस्य मानते हैं कि न्यायाधीश यहां आते हैं, कुछ साल रहते हैं और चले जाते हैं। पीठ ने कहा कि हम व्यक्ति विशेष पर आरोप नहीं लगा रहे हैं। लेकिन यह बेहद गलत है और यह पहली बार नहीं हुआ है। 
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हरीश साल्वे के कार्यालय के वकील ने कहा कि हमें इस प्रकार से स्थगन मांगे जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। कोर्ट ने जब पूछा कि साल्वे के नाम से स्थगन मांगने वाले वकील पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए, तो साल्वे के कार्यालय के वकील ने कहा कि हमें हर बार एक बात सिखाई गई है कि अदालत को कभी भी हल्के में न लें। 

साल्वे कार्यालय के वकील ने कहा कि यह आपका मंदिर है। यहां आपको बार-बार आना है और आपके सामने सिर झुकाना है। यहां कई लोग ऐसे हैं जो साल्वे के नाम से काम कर रहे हैं। साल्वे को भी इस बात का दुख है कि लोग जाते हैं और उनका नाम लेकर काम कराते हैं। 

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी नाराजगी
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील ने पीठ से सुनवाई स्थगित करने की मांग की क्योंकि एक वरिष्ठ वकील सुनवाई में शामिल होने वाले थे। इस पर पीठ ने वकील को फटकार लगाई और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर आपको लगता है कि किसी बड़े वकील का नाम लेकर आप मामले की सुनवाई स्थगित करा लेंगे तो आपका ये सोचना गलत है।हरीश साल्वे देश के जाने-माने वकील हैं और कई हाई प्रोफाइल मामलों से जुड़े रहे हैं।

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