कर्नाटक के मंत्री शरण प्रकाश पाटिल
- फोटो : एक्स@S_PrakashPatil
कोविड वैक्सिन और हार्ट अटैक के बीच संबंध को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच मंगलवार को कर्नाटक के चिकित्सा शिक्षा मंत्री शरण प्रकाश पाटिल ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य में दिल से जुड़ी बीमारियों से मौतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने साफ किया कि कोविड वैक्सीन और हार्ट अटैक के मामलों के बीच कोई संबंध नहीं है। यह बात उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेंगलुरु स्थित निमहांस (NIMHANS) और जयदेव अस्पताल (जेआईसीएसआर) की रिपोर्ट्स के आधार पर कही।
कोविड वैक्सिन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं- मंत्री
मामेल में जारी रिपोर्ट की माने तो NIMHANS ने मार्च से सितंबर 2020 के बीच 3,200 मरीजों का डेटा देखा, जिनमें सिर्फ 120 (3.7%) मरीज कोविड से जुड़े न्यूरोलॉजिकल लक्षणों वाले थे। वहीं जेआईसीएसआर ने अप्रैल से मई 2023 के बीच 251 मरीजों का अध्ययन किया। इनमें से सिर्फ 19 लोगों को पहले कोविड हुआ था, लेकिन लगभग सभी को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिली थी। मामले में मंत्रियों ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से डरें नहीं, और कोविड वैक्सीन को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
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'हार्ट अटैक का कारण वैक्सीन नहीं'
जयदेव अस्पताल के निदेशक डॉ. के एस रविंद्रनाथ ने बताया कि उनकी स्टडी में कोविड या वैक्सीन और हार्ट अटैक के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आई रिसर्च में भी यही नतीजे सामने आए हैं और उल्टा कोविड वैक्सीन दिल की बीमारियों से सुरक्षा देती है। NIMHANS की रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्ग कोविड से शरीर में कुछ मॉलिक्युलर और फंक्शनल बदलाव होते हैं, लेकिन ये हार्ट अटैक जैसी बीमारियों का सीधा कारण नहीं हैं।
हासन जिले को लेकर फैली अफवाहें गलत
बता दें कि हाल में हासन जिले में हार्ट अटैक से मौतों की खबरों के बाद लोग डर गए थे। लेकिन मंत्री पाटिल ने बताया कि अब तक की जांच में वहां 24 मौतों में से सिर्फ 10 ही हार्ट अटैक से हुई हैं। बाकी अन्य कारणों से हुई हैं।पाटिल ने कहा कि कोविड के बाद की जीवनशैली, जैसे खानपान में बदलाव और बढ़ा तनाव, की वजह से डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मामले बढ़े हैं। सरकार अब युवाओं की मौतों के पीछे के कारणों की जांच कर रही है।
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हार्ट स्क्रीनिंग को लेकर क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री
वहीं मामले में आगे की योजना पर जोर देते हुए कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि बच्चों की हार्ट स्क्रीनिंग जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि देशभर में या राज्यों के स्तर पर रजिस्ट्रियां बनें, ताकि लॉन्ग कोविड और वैक्सीन से जुड़ी बीमारियों पर रिसर्च हो सके। युवाओं में अचानक होने वाली हार्ट से जुड़ी मौतों की निगरानी के लिए मजबूत सिस्टम बनाया जाए। इसके साथ ही स्कूल स्तर पर हार्ट हेल्थ की स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए जाएं।