थलसेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को कहा कि प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) की नियुक्ति के बाद सैन्य सुधारों में अगला कदम युद्ध और शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान स्थापित करने का होगा। जनरल नरवणे ने कहा कि थिएटर कमान स्थापित करने की प्रक्रिया सुविचारित होगी और इसका परिणाम मिलने में कुछ साल लगेंगे।
थलसेना प्रमुख सिकंदराबाद स्थित रक्षा प्रबंधन महाविद्यालय में एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हर किसी के लिए एकजुटता की भावना से काम करने की आवश्यकता है और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विश्वास अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं भविष्य में सशस्त्र बलों के एकीकरण को लेकर आशावान हूं, जो अनिवार्य है। बता दें कि सरकार ने पिछले साल 31 दिसंबर को जनरल बिपिन रावत को सीडीएस के रूप में नियुक्त किया था।
थलसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में सशस्त्र बलों के एकीकरण, थिएटर कमान स्थापित करने और आधुनिकीकरण सहित विभिन्न मुद्दों पर विचार व्यक्त किए। सेना की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, नरवणे ने कहा कि रक्षा सुधार प्रक्रिया में सीडीएस की नियुक्ति के बाद अगला महत्वपूर्ण कदम युद्ध और शांति के दौरान सेना के तीनों अंगों की क्षमताओं में समन्वय के लिए एकीकृत थिएटर कमान स्थापित करने का होगा।
जनरल नरवणे की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध से निपटने की तैयारियों के तहत थलसेना और वायुसेना लगातार मिलकर काम कर रही हैं। थिएटर कमान स्थापित करने का मतलब श्रम शक्ति और संसाधनों को तर्कसंगत बनाकर सेना के तीनों अंगों से एक खास संख्या में कर्मियों को संयुक्त सैन्य दृष्टिकोण के साथ एक सामूहिक कमांडर के तहत लाने से है।
योजना के मुताबिक, प्रत्येक थिएटर कमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की इकाइयां होंगी और ये सभी किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक कमांडर के तहत काम करेंगी। वर्तमान में थलसेना, वायुसेना और नौसेना की अलग-अलग कमान हैं।