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कोरोना के बाद चीन पर एक और संकट : मॉल, कारखाने तक बंद करने के आदेश

Tue, 22 Dec 2020 04:36 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
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चीन - फोटो : pixabay
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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की मार के बाद अब चीन में एक और बड़ा संकट आ गया है। इसके चलते पूर्वी चीन में सरकार ने शॉपिंग मॉल, कारखाने और कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा समय के लिए बंद रखने के आदेश दिए हैं। वहीं कई दिनों के लिए स्ट्रीट लाइटों और लिफ्ट को बंद कर दिया गया है। 

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अंधेर के साये में कई चीनी शहर
चीन इन दिनों बिजली संकट का सामना कर रहा है। चीन में हालत ये हैं कि शाम होने के साथ ही कई शहर अंधेरे के साये में डूब जाते हैं। चीन के कई प्रांतों में कई घंटों तक बिजली गुल रह रही है। इतना ही नहीं, चीन की औद्योगिक इकाइयों को ब्लैकआउट का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते विदेशी ऑर्डर पूरे नहीं होने के कारण चीनी उद्योगपति नुकसान झेलने को मजबूर हैं। पूर्वी चीन के यिवू शहर सोमवार को 24 घंटे से अधिक समय के लिए अंधेर में डूबा रहा। 

शॉपिंग मॉल, कारखाने और कंपनियां बंद
चीन के कई प्रांतों में कोयले की कमी और भयंकर सर्दी में गिरते तापमान के कारण लोगों को बिजली की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते, चीनी सरकार ने राज्यों को बिजली की खपत घटाने को कहा गया है। वहीं सरकार ने तीन राज्यों में शॉपिंग मॉल, कारखाने और कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा समय के लिए बंद रखने के आदेश दिए हैं। कई दिनों के लिए स्ट्रीट लाइट बंद रखने का आदेश दिया गया है। सरकारी व निजी कंपनियों के कार्यालयों को गर्म नहीं करने और लिफ्ट बंद रखने के भी निर्देश दिए हैं। इसके चलते श्रमिकों को बहुमंजिला इमारतों पर सीढ़ियों से जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 

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सिलसिला दस दिन पहले शुरू हुआ

ये सिलसिला दस दिन पहले शुरू हुआ। सबसे पहले झेजियांग प्रांत में बिजली कारखानों को हर तीन दिन पर 24 घंटों के लिए उत्पादन रोकने को कहा गया। इस कारण शॉपिंग मॉल्स, सिनेमा घरों और बार आदि को अपने काम के घंटे कम करने और हीटिंग सिस्टम को बंद करने का निर्देश दिया गया। वहीं चीन में सर्दी के दौरान बिजली उपकरणों के प्रयोग पर रोक लगा दी गई।
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इस कारण पैदा हुआ संकट

कोरोना संकट के बाद से चीन और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों में भारी तनाव देखने को मिल रहा है। कोरोना की उत्पति की जांच की मांग करने के बाद से ही ऑस्ट्रेलिया चीन के आर्थिक हमलों को झेल रहा है। इस आर्थिक युद्ध के दौरान चीन ने पहले ही ऑस्ट्रेलिया से आयात होने वाले कोयला, गेंहू, चीनी, शराब और लकड़ी पर पाबंदी लगाई हुई है। इस प्रतिबंध के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई सरकार विश्व व्यापार संगठन में चीन के खिलाफ मोर्चा खोलने जा रही है। 

ऑस्ट्रेलिया के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले पर पाबंदी लगाने के बाद चीन उद्योगों और चीन के एनर्जी सेक्टर पर इसका बड़ा दुष्प्रभाव पड़ा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कोयले पर पाबंदी के बाद चीन के हुनान और झेजियांग प्रांतों में भारी कमी हो गई है। ऑस्ट्रेलिया  से कोयल के प्रतिबंध के कारण चीनी सरकार से उद्योगपति काफी नाराज हैं। 

चीन ने 2060 तक खुद को कार्बन न्यूट्रल बनाने (यानी कार्बन उत्सर्जन बिल्कुल रोक देने) की महत्वाकांक्षी योजना घोषित की हुई है। कार्बन गैसों का सबसे ज्यादा उत्सर्जन कोयले से ही होता है। कोयले का उपयोग बिजली बनाने और ठंड में घरों की हीटिंग के लिए होता है। अब तक चीन के कई राज्य इन कार्यों के लिए कोयले पर ही निर्भर हैं, लेकिन अब उनसे स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की तरफ बढ़ने को कहा गया है।
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