आम आदमी पार्टी के बड़े नेता आशुतोष के पार्टी छोड़ने पर अरविंद केजरीवाल के पूर्व साथी रहे प्रशांत भूषण ने गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपनी राजनीति आगे बढ़ाने के लिए गंभीर 'अनैतिक समझौते' करते हैं, यही कारण है कि जो भी व्यक्ति आदर्श और सिद्धांत की बात करता है, वह उनके साथ नहीं रह पाता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के समझौते से आम आदमी पार्टी जिस उद्देश्य को लेकर बनाई गई थी, वह खत्म हो जाएगा। इससे उस आम आदमी को राजनीतिक व्यवस्था से एक बार फिर गहरी निराशा पैदा होगी जिसने इस व्यवस्था से हताश होकर अन्ना के आंदोलन में और आम आदमी पार्टी में नई आशा होने की उम्मीद पाली थी।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पूरी तरह अपनी मनमानी करते हैं। पार्टी में कोई सदस्य कितना ही वरिष्ठ क्यों न हो, किसी की बात नहीं सुनते हैं। वे सिर्फ अपनी ही मनमानी चलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी अरविंद केजरीवाल का विरोध करता है, पार्टी में उसे साइड लाइन कर दिया जाता है।
दिल्ली तक सिमट कर रह जाएगी आप
क्या अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी 2019 में कोई राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगी? यह सवाल पूछे जाने पर प्रशांत भूषण ने कहा कि आज की आम आदमी पार्टी में कोई भी ऐसा नैतिक मूल्य नहीं रह गया है जिसे लेकर इसे बनाया गया था। आज यह किसी अन्य राजनीतिक दल से अलग नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी अगले चुनाव में कोई बड़ी सफलता नहीं हासिल कर पाएगी और वह दिल्ली तक ही सिमट कर रह जाएगी।