छत्तीसगढ़ की अदालत में एक विशेष मामले पर कार्यवाही रात भर चली। ये मामला नाबालिग आदिवासी लड़कियों को देह व्यापार के दलदल में धकेलने और उनके साथ दुष्कर्म करने से जुड़ा है। फैसले के बाद मामले के अभियुक्तों को जेल भेजने की कार्रवाई सुबह पूरी हो पाई।
मामले पर सुनवाई शुरू होने के बाद फैसला सुनाने वाले जज समेत अदालत के कर्मचारी और पुलिस के जवान भी अदालत में ही रुके रहे।
विशेष लोक अभियोजक रंजना दत्ता के अनुसार, "कोरबा जिले की विशेष अदालत ने इस मामले में 212 पन्ने का फैसला सुनाया है। इसमें 7 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जबकि एक को 14 साल और एक को 10 साल की सजा सुनाई गई है।"