उत्तराखंड में चल रही राजनीतिक घमासान को लेकर बुधवार का दिन बेहद अहम है। बुधवार को उत्तराखंड मसले पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने गत 22 अप्रैल को नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा राष्ट्रपति शासन खत्म करने के फैसले पर 27 अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी थी।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति शिवकीर्ति सिंह के पीठ के समक्ष होने वाली इस सुनवाई में यह देखने वाली बात होगी कि यह रोक आगे भी जारी रहेगी या नहीं। यह सुनवाई इस मामले में भी अहम है कि क्या सुप्रीम कोर्ट इस पर गौर करेगा कि 29 अप्रैल को प्रस्तावित बहुमत परीक्षण होगा या नहीं?
मालूम हो कि केंद्र सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 22 अप्रैल को यह देखते हुए कि नैनीताल हाईकोर्ट केफैसले की प्रति पक्षकारों को नहीं प्राप्त हुई है, इसलिए हाईकोर्ट के फैसले पर 27 अप्रैल तक के लिए रोक लगा दी थी।
शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले की प्रति 26 अप्रैल तक पक्षकारों को मुहैया कराने के लिए कहा था। साथ ही आदेश की एक प्रति सुप्रीम कोर्ट को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कहा था कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह मामला गंभीर दिखता है। पीठ ने इस मामले को संविधान पीठ भेजने की ओर भी इशारा किया था।