सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई की एक महिला को 24 हफ्ते के भ्रूण का गर्भपात करवाने की इजाजत दी है। मंगलवार को कोर्ट ने मुंबई के केईएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला सुनाया।
अस्पताल की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक भ्रूण बिना किडनी का है और अन्य विकारों से ग्रस्त है। गर्भावस्था की निरंतरता के कारण पीड़ित मां का जीवन खतरे में पड़ सकता है। इस पूरे मामले को लेकर सोमवार को केईएम अस्पातल ने सर्वोच्च न्यायलय को रिपोर्ट सौंपी थी। जिसके बाद कोर्ट ने अस्पातल प्रशासन से पीड़ित महिला और याचिकाकर्ता के लिए राय मांगी थी।