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देश में अब तक हुए आतंकी हमले और 'हिंदू आतंकवाद कनेक्शन'

Thu, 09 Mar 2017 05:25 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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अजमेर दरगाह में 2007 में हुए विस्फोट मामले में एनआईए की विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी स्वामी असीमानंद सहित सात मुलजिमों को बरी कर दिया। जबकि कोर्ट ने तीन आरोपियों में से देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी माना। इस मामले में आरोपी सुनील जोशी की 2008 में मौत हो चुकी है। भारत में अब तक हुए बड़े हमलों में अब तक क्या हुआ? कितने आरोपियों पर लगे आरोप कोर्ट में सच साबित हुए, कितने लोगों को सजा हुई। कोर्ट में इन मामलों का स्टेटस क्या है? हमले दर हमले मामलों की एक पड़ताल।
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मालेगांव बम धमाके 2006
महाराष्ट्र के नासिक ज‌िले में आठ सितंबर 2006 को हुए बम धमाकों में 38 लोगों की मौत हो गई। ये धमाके एक कब्रिस्तान से लगी एक मस्जिद के पास 'शब ए बारात' के दिन हुए। इस मामले में 2013 में जो चार्जसीट कोर्ट में दाखिल की गई उसमे अभिनव भारत नाम के संगठन को हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। पुलिस ने सिमी के एक कार्यकर्ता नूरुल होदा को गिरफ्तार भी किया। दूसरे अभियुक्तों की पहचान शब्बीर बैटरीवाला और रईस अहमद के रूप में की गई। बाद में जांच का जिम्मा एनआईए को सौंप दिया गया।

एनआईए की जांच  के चलते अभिनव भारत के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया जिनकी पहचान लोकेश शर्मा, धन सिंह, मनोहर सिंह और राजेंद्र चौधरी के रूप में की गई। शुरूआत में मालेगांव धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आठ मुस्लिम युवकों को मकोका की विशेष अदालत ने रिहा कर दिया।
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मामले में मुख्य अभियुक्त बनाए गए अभिनव भारत के सदस्य शिवनारायण कालसंग्रा और श्याम साहू को मुंबई हाई कोर्ट ने फ‌िलहाल जमानत दे दी है। इन धमाकों के सिलसिले में पहले साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भी तीन और लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया। साध्वी के खिलाफ ठोस सबूत न मिलने पर कोर्ट ने उनकेऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया।

समझौता एक्सप्रेस ट्रेन धमाका

समझौता एक्सप्रेस ट्रेन ब्लास्ट की बरसी
18 फरवरी, 2007 की रात को दिल्ली से लाहौर जाने वाली समझौता एक्सप्रेस में हुए धमाके में 68 लोग मारे गए। मामले में कुल आठ लोगों को अभियुक्त बनाया गया जिनमें से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें स्वामी असीमानंद, कमल चौहान, राजेंद्र चौहान और लोकेश शर्मा शामिल हैं।

मामले के एक अन्य अभियुक्त सुनील जोशी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी जबकि रामचंदर कालसंग्रा, संदीप डांगे अभी तक फरार बताए जाते हैं। केस अभी चल रहा है।

मक्का मस्जिद धमाका, हैदराबाद 2007
18 मई 2007 को हैदराबाद के चारमीनार इलाके के पास स्थित मस्जिद के वजुखाने में हुआ जिसमें 14 लोग मारे गए। लगभग 50 से ज्यादा मुसलमान युवकों को इस धमाके के सिलसिले में हिरासत में लिया गया। आंध्र प्रदेश का आतंकवाद निरोधी दस्ता सहित, नेशनल इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) और सीबीआई ने मामले की अलग-अलग जांच की।

घटना के तीन साल बाद यानि कि 2010 में पुलिस ने 'अभिनव भारत' नाम के संगठन से जुड़े स्वामी असीमानंद को गिरफ्तार किया। इस मामले में गिरफ्तार किए गए युवक जागीरदार, अब्दुल नईम, मोहम्म्द इमरान खान, सईद इमरान, जुनैद और रफीउद्दीन अहमद को अदालत ने बरी कर दिया। मामला अभी चल रहा है।

अजमेर दरगाह धमाका 2007

वर्ष 2007 में 11 अक्टूबर की शाम अजमेर में सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर हुए धमाके में तीन लोग मारे गए जबकि 15 लोग घायल हो गए थे। एनआईए की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई इसी साल 6 फरवरी को पूरी कर ली गई जिसमें घटना के 149 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए।

एनआईए ने 13 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। इनमें स्वामी असीमानंद, देवेंद्र गुप्ता, चंद्रशेखर लेवे, लोकेश शर्मा, मुकेश वसनि, भरत मोहनलाल रतिश्वर, संदीप डांगे, रामचंद्र भावेश भाई पटेल, सुरेश नायर और मेहुल के नाम शामिल हैं।

वहीं मामले के एक और अभियुक्त सुनील जोशी की रहस्यमय परिस्थितियों में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
सभी अभियुक्त न्यायिक हिरासत में हैं। हालांकि स्वामी असीमानंद को जमानत मिल गई थी, लेकिन उनके खिलाफ दूसरे मामले लंबित होने की वजह से वो बरी नहीं हो पाए।
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट 1993

मुंबई महानगर के विभिन्न इलाकों में हुए 12 सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे जबकि 717 लोग घायल हुए थे। इन धमाकों के सिलसिले में सैकड़ो लोगों को हिरासत में लिया गया और मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने अभियुक्त बनाए गए 129 लोगों में से 100 को दोषी ठहराया।

इस मामले में कई आरोपी अभी तक फरार चल रहे हैं। मामले का मुख्य आरोपी टाइगर मेमन और उसका भाई याकूब मेमन भी शामिल हैं। मेमन परिवार के चार लोगों को भी मामले में अभियुक्त बनाया गया है।

हालांकि अदालत ने मेमन के परिवार के तीन लोगों को मामले से बरी कर दिया। अन्य अभियुक्तों में अबू सलेम, अब्दुल कय्यूम, रियाज सिद्दीकी, ताहिर मर्चेंट, फ‌िरोज खान और मुस्तफा डोसा भी शामिल हैं।

इस केस के अभियुक्त याकूब मेमन को नागपुर जेल में 30 जुलाई 2005 को फांसी दे दी गई। अभियोजन पक्ष की ओर से 40 अन्य अभियुक्तों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की गई है।

मुंबई ट्रेन सीरियल धमाके 2006
11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सिलसिले वार धमाकों में 209 लोग मारे गए जबकि 700 से ज्यादा लोग घायल हुए। इन हमलों की के पीछे सिम्मी के अलावा अल कायदा और लश्कर-ए-तय्यबा का हाथ बताया जाता है। इन धमाकों के सिलसिले में 12 लोगों को दोषी पाया गया।

वर्ष 2015 में दोषी ठहराए गए लोगों में से पांच को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इनमें नावेद खान, एहतेशाम सिद्दीकी, कमाल अंसारी, आसिफ खान और फैसल शेख शामिल हैं। दोषी पाए गए सात लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
 
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