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उत्तर भारत में ट्रेनों की रफ्तार काफी सुस्त, इलाहाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद रेल मंडल सबसे फिसड्डी

Wed, 26 Sep 2018 03:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
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डेमो - फोटो : डेमो
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कई कोशिश के बावजूद उत्तर भारत की ट्रेनों को रफ्तार देने में रेलवे नाकाम साबित हो रहा है। ताजा रिपोर्ट से साफ है कि इलाहाबाद, लखनऊ, मुरादाबाद रेल मंडल में संचालित होने वाली ट्रेनों की रफ्तार काफी धीमी है। रेलवे के कुल 68 रेल मंडल में इनका नंबर सबसे निचले स्तर पर है। इन रेल मंडलों की बात करें तो समयबद्घता (पंक्च्यूलिटी) 50 प्रतिशत से भी कम है।  
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रेल मंत्रालय के साप्ताहिक समयबद्घता रिपोर्ट की बात करें तो 17 सितंबर से 23 सितंबर के बीच नार्थ-सेंट्रल जोन के इलाहाबाद रेल मंडल में 40.87 प्रतिशत ही ट्रेन अपने समय सारणी पर चल पाई। यही हाल उत्तर रेलवे के लखनऊ रेल मंडल का रहा। रिपोर्ट में 48.06 प्रतिशतछ समयबद्घता दर्ज की गई। उत्तर रेलवे के मुराबाद मंडल में भी ट्रेनें सुस्त रफ्तार से चल रही है। यहां 56.28 प्रतिशत ट्रेन ही समय पर संचालित हो पा रही है।  

पूर्वांचल से इतर दक्षिण भारत, पश्चिम भारत की तरफ संचालित होने वाली ट्रेनों की बात करें तो समयबद्घता प्रतिशत पूर्वांचल से काफी बेहतर है। हालांकि रेलवे का दावा है कि ट्रेनें पहले की अपेक्षा काफी रफ्तार से चल रही है। औसतन प्रतिमाह 25 से ज्यादा ट्रेनें छह घंटे से अधिक देरी से नहीं चल रही है। पूरे रेलवे की बात करें तो 70-75 प्रतिशत ट्रेन अपनी तय समय से दूरी तय कर रही है। 
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रेल मंडलों की समयबद्घता रिपोर्ट 

. रांची रेल मंडल-100 प्रतिशत। 
. रतलाम रेल मंडल-96.41 प्रतिशत। 
. अहमदाबाद रेल मंडल-95.88 प्रतिशत। 
. इज्जतनगर रेल मंडल-90.04 प्रतिशत। 
. मुगलसराय रेल मंडल-88.29 प्रतिशत। 
. फिरोजपुर रेल मंडल-87.08 प्रतिशत। 
. अंबाला रेल मंडल-85.17 प्रतिशत। 
. आगरा रेल मंडल-84.08 प्रतिशत। 
. दिल्ली रेल मंडल-80.14 प्रतिशत। 
. वाराणसी रेल मंडल-78.06 प्रतिशत। 
. झांसी रेल मंडल-66.05 प्रतिशत। 
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