वर्ष 2002 के सनसनीखेज बिलकिस बानो मामले में बांबे हाईकोर्ट द्वारा दोषी ठहराए गए दो डॉक्टरों और एक आईपीएस समेत चार पुलिस अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति एसए बोबर्ड और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली इन सभी की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अतार्किक तरीके से इन सभी को बरी किया था। मालूम हो कि हाल ही में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए आईपीएस अधिकारी आरएस भागौड़ा सहित चार पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया था।
इससे पहले बिलकिस बानो केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 12 आरोपियों की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था। 12 आरोपियों को ट्रायल कोर्ट की ओर से उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की थी।
कोर्ट ने इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया। बता दें कि गोधरा दंगों के बाद बिलकिस बानो पर हमला किया गया था। हमले के दौरान अहमदाबाद के रंधिकपुर में रहनेवाली बिलकिस बानो के परिवार में 8 लोगों की हत्या कर दी गई थी। बिलकिस बानो उस समय मात्र 19 साल की थी, और 5 माह की गर्भवती थी। उनके साथ गैंगरेप किया गया था।