पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण टमाटर के दाम खुदरा बाजार में 80 रुपये प्रति किलो से 120 रुपये किलो तक पहुंच गए थे, जिसे लेकर विपक्षी दल भी हमलावर थे। लेकिन अब धीरे-धीरे इसमें कमी आनी शुरू हो गई है। एशिया की सबसे बड़ी फल-सब्जी मंडी आजादपुर में मंगलवार को टमाटर की सबसे अच्छी क्वॉलिटी का दाम 50 रुपये प्रति किलो तक गिर गया है, जबकि सबसे निचले स्तर के टमाटर की कीमतें गिरकर 20 रुपये प्रति किलो तक आ गई हैं। इसका कटौती का सीधा असर टमाटर के खुदरा मूल्य पर भी पड़ा है। अब खुदरा बाजार में टमाटर 50 रुपये प्रति किलो से 90 रुपये प्रति किलो के बीच आ गया है।
आजादपुर मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि टमाटर के मूल्यों में अब कमी आ रही है। आज मंडी में टमाटर का मॉडल रेट 35.50 रुपये प्रति किलो तक हो चुका है। सबसे अच्छे क्वॉलिटी के टमाटर का मूल्य भी केवल 50 रुपये प्रति किलो तक आ गया है। दक्षिणी भारत के कई राज्यों में भारी बारिश के कारण टमाटर सहित कई सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी हो गई थी, लेकिन जल्द ही बारिश थमने, नई फसल आने और पेट्रोल-डीजल के दाम घटने का असर अब सब्जियों की कीमतों में बड़ी कमी के तौर पर देखने को मिल रहा है।
लोकल सर्किल सर्वे कंपनी ने अक्तूबर माह के अपने एक सर्वे में पाया है कि सब्जियों पर होने वाला खर्च कई घरों में दोगुना तक बढ़ गया था, तो अनेक घरों को सब्जियों में कटौती कर अपना खर्च संभालना पड़ रहा था। देश के अलग-अलग राज्यों में टमाटर की कीमतें लगभग 75 रुपये से लेकर 120 रुपये तक पहुंच गई थीं। कीमतों में बढ़ोतरी के कारण 70 फीसदी भारतीय परिवारों को सब्जियों पर होने वाला खर्च 25 से 100 फीसदी तक बढ़ाना पड़ा था। वहीं, निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों की थाली से सब्जियां दूर होती जा रही हैं।