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India- US: 'भारत-यूएस की साझेदारी में असीमित संभावनाएं', राजदूत गोर ने बताया किन क्षेत्रों में बढ़ रहा सहयोग

Sat, 27 Jun 2026 01:31 PM IST
Asmita Tripathi आईएएनएस, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका को स्वाभाविक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मजबूत संबंधों की सराहना की।
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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका को असीमित क्षमता वाले स्वाभाविक साझेदार बताया है। इसके साथ ही कहा है कि ट्रंप प्रशासन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच घनिष्ठ संबंधों को मजबूत करते हुए प्रौद्योगिकी, रक्षा, निवेश और उभरते क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए काम कर रहा है।

भारत के बारे में राजदूत गोर ने क्या कहा?

व्हाइट हाउस में आईएएनएस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, गोर ने भारत में अपने पहले छह महीनों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की विविधता, आर्थिक गतिशीलता और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बढ़ती साझेदारी ने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के बारे में उनके आशावाद को मजबूत किया है। गोर ने कहा, 'मैं दरअसल कल ही भारत से लौटा हूं। इन छह महीनों में मेरा अनुभव असाधारण रहा है। मैंने इस खूबसूरत देश की हर जगह यात्रा की है। इसके साथ ही  हर जगह कुछ अद्भुत लोगों से मिला हूं।'

अमेरिकी राजदूत ने कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी ताकत में से एक है। उन्होंने कहा, 'भारत के बारे में मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वह यह है कि हर सौ किलोमीटर पर आपको एक बिल्कुल अलग इलाका देखने को मिलता है। उस इलाके का अपना अलग इतिहास है, अलग अलग पृष्ठभूमि है, अलग अलग भाषाएं हैं, अलग अलग बोलियां हैं। इसकी विविधता वाकई अविश्वसनीय है और बेजोड़ है।'

अमेरिका भारत के किसी भी क्षेत्र के साथ काम कर सकता है

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गोर ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग अब लगभग हर प्रमुख क्षेत्र में फैला हुआ है। उन्होंने आगे कहा, 'आप अमेरिका के किसी भी क्षेत्र को देख लीजिए। भारत उसके साथ मिलकर काम कर सकता है उसे अगले स्तर तक ले जा सकता है। चाहे वह दवा उद्योग हो, आईटी हो, रक्षा सहयोग हो, कुछ भी हो।' उन्होंने बढ़ते व्यापारिक संबंधों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दोनों दिशाओं में हो रहे बड़े निवेशों की ओर इशारा किया।

राजदूत गोर की प्राथमिकताओं क्या है?
गोर ने कहा, 'अमेजन अभी हाल ही में वहां था। उन्होंने इस सप्ताह भारत में 40 अरब डॉलर से अधिक के सौदे की घोषणा की है। चाहे माइक्रोसॉफ्ट हो या गूगल, ये सभी कंपनियां वहां जा रही हैं। साथ ही, कई भारतीय कंपनियां, कई भारतीय प्रतिभाएं संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर रुख कर रही हैं।' गोर ने कहा कि राजदूत के रूप में उनकी प्राथमिकताओं में से एक अमेरिका में निवेश आकर्षित करना रहा है।

उन्होंने कहा, 'दुनिया भर के सभी दूतावास अमेरिका में निवेश वापस लाने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि भारत में हमारा दूतावास इस मामले में पहले स्थान पर रहा।' हमने एक वर्ष में 20 अरब से अधिक के नए निवेशों की घोषणा की, जिनमें दूतावास शामिल था।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास असीमित क्षमता है।'

प्रधानमंत्री मोदी को लेकर क्या कहा?

अमेरिकी राजदूत ने ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच घनिष्ठ कामकाजी संबंधों की भी प्रशंसा की और इसे द्विपक्षीय संबंधों की एक महत्वपूर्ण नींव बताया। गोर ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कहा 'वे बेहद गतिशील हैं। वे बेहद सक्रिय हैं। एक तरह से, मुझे उनमें और राष्ट्रपति ट्रंंप में बहुत सी समानताएं दिखती हैं, क्योंकि दोनों ही सक्रिय रूप से काम करना और चीजों को पूरा करना पसंद करते हैं।' उनकी सोच एक जैसी है। वे परिणाम देना चाहते हैं।'

आगे की योजनाओं के बारे में बात करते हुए, गोर ने कहा कि उनकी प्राथमिकताओं में द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पूरा करना, रक्षा सहयोग का विस्तार करना और पैक्स सिलिका जैसी पहलों को आगे बढ़ाना शामिल है। उन्होंने कहा, 'मैं हर हफ्ते अपनी टीम को बताता हूं कि इस हफ्ते हमें क्या हासिल करना है और क्या देना है। मैं इसी पर आगे काम करता रहूंगा।' भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने पिछले दो दशकों में अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार व्यापक बनाया है। रक्षा और सुरक्षा से परे प्रौद्योगिकी, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और निवेश सहित अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार किया है। यह संबंध हिंद-प्रशांत क्षेत्र में वाशिंगटन की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बन गया है।

 

 

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