भाजपा पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, वह शिवसेना थी, जिसने महाराष्ट्र में भाजपा को खड़ा किया, उसे सीट दी और हमेशा साथ रखा। अब भाजपा ने संसद में हमारे सांसदों के सीटिंग अरेजमेंट बदल दिया। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इससे पहले राउत ने ट्वीट किया, ‘अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो तरीके बदलो, इरादे नहीं। जय महाराष्ट्र।’ उनके ट्वीट के सियासी गलियारों में कई मतलब निकाले जा रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्होंने कांग्रेस-एनसीपी के खिलाफ लिखा है, जबकि कुछ इसे भाजपा के विरुद्ध बता रहे हैं।
दूसरी ओर, शिवसेना ने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखा, जब राष्ट्रीय राजनीति में हिंदुत्ववादी और राष्ट्रवादी राजनीति के कारण कोई भाजपा के साथ नहीं खड़ा होता था। तब शिवसेना साथ रही।
सावरकर को भारतरत्न देने का समर्थन
शिवसेना ने सावरकर को भारतरत्न देने के भाजपा के फैसले का समर्थन किया। राउत ने कहा कि हमने हमेशा वीर सावरकर को भारतरत्न का समर्थन किया है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी सावरकर के लिए भारतरत्न की मांग को दोहराया था।
उद्धव पांच साल रहेंगे सीएम
चर्चा यह भी है कि शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी में सरकार को लेकर सब तय हो गया है। सिर्फ घोषणा बाकी है। तीनों दलों में सहमति बनी है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव पांच साल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। मुख्यमंत्री पद का बंटवारा नहीं होगा, जबकि कांग्रेस-एनसीपी के एक-एक उपमुख्यमंत्री रहेंगे। शिवसेना के 15, एनसीपी के 14 और कांग्रेस के 13 मंत्री होंगे। सूत्रों का कहना है कि उद्धव ने अयोध्या यात्रा इसलिए टाली ताकि मुद्दा आड़े न आए।
झगड़े से नुकसान होता है : भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भाजपा-शिवसेना की टूट के बीच कहा कि आपस में झगड़े से सिर्फ नुकसान होता है, यह जानने के बावजूद कुछ लोग झगड़ा करते हैं। नागपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सबको पता है कि स्वार्थ बुरी बात है। लेकिन स्वार्थ का त्याग बहुत कम लोग करते हैं, आप चाहें तो लोगों का उदाहरण लें या देशों का। सब जानते हैं कि प्रकृति को नष्ट करने से मनुष्य भी नष्ट हो जाएगा, यह जानकर भी मनुष्य ने प्रकृति के साथ अपना व्यवहार बदला नहीं है।