देश में टीकाकरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय अब मधुमेह, कैंसर, किडनी, लीवर और उच्च रक्तचाप के मरीजों को टीका लगाने की रणनीति बना रहा है। इस बारे में संगठित समिति की दो बैठक हो चुकी हैं। अगले दो से तीन दिन में समिति की सिफारिशों के आधार पर मंत्रालय पहले से बीमार लोगों की पहचान के तौर तरीकों पर फैसला ले लेगा। समिति के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीका लगवाने के लिए लोगों को सबसे पहले कोविन वेबसाइट पर पंजीकरण करना है।
इलाज से जुड़ा कागज होगा अपलोड जिला प्रशासन करेगा सत्यापन
इसी प्रक्रिया के तहत बीमार लोगों के लिए अतिरिक्त दस्तावेज को जोड़ा जाएगा। इसमें अगर कोई व्यक्ति बीमार से ग्रसित है तो उसकी पुष्टि के लिए कोई ना कोई दस्तावेज अपलोड करना होगा जिसका सत्यापन जिला प्रशासन करेगा। इस प्रक्रिया में कोई धोखाधड़ी न हो इसके लिए पंजीकृत डॉक्टर द्वारा जारी दस्तावेज ही मान्य होगा।
रोगियों को मार्च से लग सकता है टीका
पहले चरण में एक करोड़ स्वास्थ्य कर्मियों को टीका देने के बाद सुरक्षा और पुलिस जवानों को टीका दिया जाएगा जिनकी संख्या करीब दो करोड़ है। इसके बाद नगर निकाय, नगर निगम के कर्मचारियों को टीका लगेगा। इसके बाद पहले से बीमार लोगों को टीका लगाने का काम शुरू होगा जिसमें मार्च तक का समय लग सकता है। इसी बीच मरीजों की पहचान संबंधी दिशा-निर्देश राज्यों को भेज दिए जाएंगे।
पहली बार बीमार लोगों का आंकड़ा जुटेगा
नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पाल ने बताया कि देश में पहले से बीमार लोगों का सरकारी आंकड़ा नहीं है। पहली बार कोरोना टीकाकरण के चलते जमीनी स्तर पर ऐसे लोगों की पहचान होगी। ऐसे में जरूरी है कि पहले से बीमार लोगों को किन-किन आधार पर चयन हो सकता है। इसके लिए अलग से दिशा-निर्देश तैयार किए जाएं। इसलिए केंद्र सरकार ने एक समिति का गठन किया जिसकी सिफारिशों के आधार पर आगे की योजना तैयार होगी।