रेलवे की कई कवायद के बावजूद भी सभी ट्रेनों में खान-पान की व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकी है। एक्सप्रेस ट्रेनों का बुरा हाल तो है ही कुछ राजधानी ट्रेन के मुसाफिर भी ट्रेन में मिलने वाले खाने से संतुष्ट नहीं है। पिछले दिनों आईआरसीटीसी ने ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की गुणवत्ता को लेकर आधा दर्जन ट्रेनो में स्वतंत्र थर्ड पार्टी सर्वे भी कराया था, जिसके नतीजे उसके अनुरूप नहीं रहे।
रेलवे ने अब खाने की गुणवत्ता को सुधारने के लिए राजधानी ट्रेनों में सुपरवाइजरों को टैब दिया गया है। जो ऑनबोर्ड यात्रियों से फीडबैक लेते है। आईआरसीटीसी ने कोलकाता राजधानी, हावड़ा राजधानी, बंगलूरू राजधानी, पटना राजधानी, विलासपुर राजधानी में स्वतंत्र थर्ड पार्टी सर्वे किया। इसमें विलासपुर राजधानी (12441-42) में कुल 194 सैंपल लिया गया था।
सैंपल के आधार पर 16 प्रतिशत यात्री खाने से असंतुष्ट थे। इसी तरह वाया पटना चलने वाली कोलकाता राजधानी ट्रेन में 210 सैंपल के आधार पर 15 प्रतिशत यात्री नाखुश थे। हालांकि मुंबई राजधानी और हावड़ा राजधानी के 94 प्रतिशत यात्रियों ने खान-पान पर संतुष्टि जताई। इसी तरह ट्रेन संख्या (20501-02) विलासपुर राजधानी में 99 प्रतिशत यात्री खाने की गुणवत्ता से संतुष्ट थे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार खाने की गुणवत्ता के लिए सर्वे कराकर बेहतर खाना परोसने की कवायद की जाती है। चुनिंदा ट्रेनों में खाने के आइटम भी बदले गए है। आईआरसीटीसी ने 46 बेस किचन को अपग्रेड किया है। इनमें 38 बेस किचन में सीसीटीवी लगाए गए है। रेल दृष्टि एप पर यात्री ऑनलाइन खाना बनाने की जानकारी ले सकते है।