भले ही मौसम के असामान्य व्यवहार के कारण देश में संसाधन और सुविधाएं प्रभावित हुई हों, लेकिन इससे बहुत ज्यादा चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार के थिंक टैंक नीति आयोग का मानना है कि देश में आबादी बढ़ने की रफ्तार घट रही है और वर्ष 2040 तक यह 1.60 अरब के आंकड़े पर स्थिर हो जाएगी। आयोग का मानना है कि इतनी आबादी के लिए भारत के पास संसाधन की कमी नहीं होगी। इसलिए आयोग आबादी बढ़ने की चिंता करने के बजाय देश में बढ़ती औसत युवा शक्ति का उपयोग अर्थव्यवस्था को गति देने में करने की योजना तैयार करने पर लगा रहा है।
आबादी नियंत्रण के लिए योजना तैयार करने के मसले पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत कुछ राज्यों को छोड़ दें तो देश के अधिकांश राज्यों में जनसंख्या की बढ़ोतरी दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के चार राज्यों में जन्म दर 1.6 प्रतिशत और प्रजनन दर 3 प्रतिशत से भी ऊपर है, लेकिन दक्षिणी, पूर्वोत्तर राज्यों समेत महाराष्ट्र और यहां तक कि पश्चिम बंगाल में भी प्रजनन दर घटी है। ऐसे में हो सकता है कि हमारी जनसंख्या 1.60 अरब से भी कम के आंकड़े पर स्थिर हो जाए, क्योंकि किसी को अंदाजा भी नहीं था कि केरल में प्रजनन दर 2 प्रतिशत से भी नीचे हो जाएगी।
65 फीसदी आबादी है युवा, उसे चाहिए रोजगार
राजीव कुमार ने कहा कि हमारे देश में औसत उम्र 29 साल है और 65 फीसदी आबादी 35 साल की है। इस आबादी को रोजगार चाहिए। ऐसे में हमारा ध्यान इस पर है कि इन युवाओं को कैसे अच्छा रोजगार मिले और कैसे वे अपना योगदान देश की अर्थव्यव्सथा में दे पाएं। कुमार ने कहा, स्पष्ट है कि आबादी बढ़ने से रोकने के बजाय जनसांख्कीय लाभांश (डेमोग्राफिक डिविडेंड) को निकालने पर ध्यान देना चाहिए।
2024 तक भारत और चीन की आबादी होगी बराबर
- 1.41 अरब है इस समय चीन की आबादी
- 1.34 अरब है भारतीय जनता की संख्या
- 07 साल बाद दोनों की आबादी होगी 1.44 अरब
- 19 फीसदी चीन व 18 फीसदी लोग भारत में रहते हैं पुरी दुनिया के
- 2030 से घटने लगेगी चीन की आबादी, 2050 से घटेगी भारतीय आबादी
- 1.66 अरब आबादी भारत में होने का अनुमान है 2050 में
(संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक एवं सामाजिक मामलों के विभाग की गतवर्ष जून में पेश रिपोर्ट)