ईसाइयों की एक संस्था ‘फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन’ से निष्कासित किये जाने के फैसले के खिलाफ केरल की एक नन ने वेटिकन में अपील दायर की है। संस्था ने सिस्टर लूसी कलप्पुरा पर कविताएं छपवाने, कार खरीदने और जालंधर डायोसिज के एक पूर्व बिशप के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप लगाया है। यह पूर्व बिशप बलात्कार के आरोपी हैं।
संस्था ने नन की मां को एक पत्र भेज कर उन्हें वापस घर ले जाने को कहा है। नन के अपनी जीवनशैली के बारे में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में नाकाम रहने पर इस महीने की शुरूआत में संस्था से निष्कासित कर दिया गया था।
निष्कासित नन ने यहां संवाददाताओं से कहा, मैंने एक अपील दायर की है। कल (शुक्रवार को) वेटिकन को एक ईमेल भेजा है। मैंने आज (शनिवार को) वेटिकन को और नई दिल्ली स्थित उसके प्रतिनिधियों को एक पत्र भी भेजा है।
नन ने बताया कि संस्था ने 10 अगस्त को उनकी मां को एक पत्र भेज कर उनसे कहा था कि वह अपनी बेटी को घर ले जाएं। संस्था के प्रांतीय प्रमुख ने कहा था कि यदि नन इस आदेश के खिलाफ कोई राहत पाने में नाकाम रहती है तो इस पत्र को प्राप्त करने के 10 दिनों के अंदर उन्हें कान्वेंट से जाना होगा।