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एक करोड़ युवकों का होगा कौशल प्रशिक्षण

Thu, 14 Jul 2016 03:40 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : pti
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प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अगले चार साल में (2016-2020) में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनके प्रशिक्षण पर 12,000 करोड़ रुपये की लागत  आएगी। इन एक करोड़ में से 60 लाख युवाओं को नए सिरे से प्रशिक्षित किया जाएगा जबकि 40 लाख उन युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जिन्होंने पहले से किसी क्षेत्र  में औपचारिक प्रशिक्षण ले रखा है।
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बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक इस फैसले पर मुहर लगा दी गई। फैसले के मुताबिक पूर्व में प्रशिक्षित और नए प्रशिक्षकों के  मध्य लक्ष्य आवंटन घटाया-बढ़ाया जा सकेगा और क्रियात्मक तथा परिचालन संबंधी  आवश्यकताओं के आधार पर इसका परस्पर विनिमय भी किया जा सकेगा।

यह योजना  पूर्व अधिसूचित सामान्य मानदंडों के अनुरूप होगी और अनुदान मॉडल के आधार पर  आगे बढ़ेगी। इसमें प्रशिक्षण और मूल्यांकन लागत की सीधे ही प्रशिक्षण प्रदाता और मूल्यांकन निकायों को सामान्य मानदंडों के अनुरूप प्रतिपूर्ति  की जाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल विकास पर भी ध्यान दिया  जाएगा

प्रशिक्षुओं को वित्तीय सहायता यात्रा भत्ता, आवास और भोजन  की लागत के रूप में दी जाएगी। लाभार्थियों को नियोजन सहायता सीधे ही  प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी। बेहतर पारदर्शिता और लक्ष्य निर्धारण के लिए प्रशिक्षण भागीदारों को प्रशिक्षण की लागत के संवितरण को आधार कार्ड और बॉयोमीट्रिक्स से जोड़ा जाएगा। कौशल प्रशिक्षण राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (एनएसक्यूएफ ) के अनुरूप उद्योग के मानकों के आधार पर दिया जाएगा।

विभिन्न राज्यों की विशिष्ट कौशल आवश्यकताओं के समाधान की जरूरत के संबंध में कौशल विकास पर मुख्यमंत्रियों के उप-समूह की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों को पीएमकेवीवाई 2016-2020  के अधीन परियोजना आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से शामिल किया जाएगा। इस  योजना के तहत वित्तीय और वस्तुगत दोनों तरह के कुल प्रशिक्षण का 25 प्रतिशत लक्ष्य का आवंटन किया जाएगा। 

प्रशिक्षुओं के जुटाव, निगरानी और  प्रशिक्षण के बाद नियोजन का कार्य रोजगार मेलों और कौशल शिविरों के माध्यम से किया जाएगा। परंपरागत नौकरियों के लिए अनौपचारिक प्रशिक्षण हेतु एक परियोजना आधारित दृष्टिकोण का भी प्रस्ताव किया गया है। घरेलू कौशल जरूरतों  को पूरा करने के अलावा खाड़ी के देशों, यूरोप और अन्य विदेशी स्थलों में रोजगार के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल विकास पर भी ध्यान दिया  जाएगा। इस योजना के तहत अच्छी नौकारियों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने  वाले छात्रों को छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी।
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