प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अगले चार साल में (2016-2020) में एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इनके प्रशिक्षण पर 12,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इन एक करोड़ में से 60 लाख युवाओं को नए सिरे से प्रशिक्षित किया जाएगा जबकि 40 लाख उन युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जिन्होंने पहले से किसी क्षेत्र में औपचारिक प्रशिक्षण ले रखा है।
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट कमेटी की बैठक इस फैसले पर मुहर लगा दी गई। फैसले के मुताबिक पूर्व में प्रशिक्षित और नए प्रशिक्षकों के मध्य लक्ष्य आवंटन घटाया-बढ़ाया जा सकेगा और क्रियात्मक तथा परिचालन संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर इसका परस्पर विनिमय भी किया जा सकेगा।
यह योजना पूर्व अधिसूचित सामान्य मानदंडों के अनुरूप होगी और अनुदान मॉडल के आधार पर आगे बढ़ेगी। इसमें प्रशिक्षण और मूल्यांकन लागत की सीधे ही प्रशिक्षण प्रदाता और मूल्यांकन निकायों को सामान्य मानदंडों के अनुरूप प्रतिपूर्ति की जाएगी।