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एनसीसी कैडेट्स से बोले मोदी, कहने भर से आत्मनिर्भर नहीं बनेगा भारत, युवाओं के योगदान की जरूरत

Sun, 24 Jan 2021 05:30 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जीवंत करने वाले हमारे संविधान को नमन करती है। मैं आपको 26 जनवरी को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। मोदी ने कहा कि जो आत्मनिर्भर भारत बनाने का लक्ष्य हमने लिया है वह केवल कहने से पूरा नहीं होगा, इसे पूरा करने के लिए युवाओं के योगदान और उनके एक्शन की जरूरत है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना ने वाकई बहुत कुछ बदल कर रख दिया है। मास्क, कोरोना टेस्ट, दो गज दूरी, ये सब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। इसके बावजूद भी आपके उत्साह, आपकी उमंग में कोई कमी नजर नहीं आती है। उन्होंने कहा कि कोरोना की वैक्सीन भारत के वैज्ञानिकों ने भारत में बनाकर अपना कर्तव्य बखूबी निभाया है। अब हमें अपना कर्तव्य निभाना है। झूठ और अफवाह फैलाने वाले हर तंत्र को हमें सही जानकारी से परास्त करना है।
 

उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि देश में चल रहे कोरोना वैक्सीन अभियान में भी देश की मदद करने के लिए आगे आना है। आपको वैक्सीन को लेकर सही जानकारियां गरीब से गरीब और सामान्य से सामान्य नागरिकों को देनी है। उन्होंने कहा कि राजपथ पर जब आप जोश के साथ कदम-ताल करते हैं तो हर देशवासी उत्साह से भर जाता है। जब आप भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, परंपरा और विरासत की झांकी दिखाते हैं तो हर देशवासी का माथा गौरव से ऊंचा हो जाता है।

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पीएम मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस की परेड भारत की महान सामाजिक, सांस्कृतिक विरासत के साथ ही, हमारी सामरिक ताकत को भी नमन करती है। ये परेड दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को जीवंत करने वाले हमारे संविधान को नमन करती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष हमारा देश अपनी आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस वर्ष गुरु तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व भी है। इसी वर्ष हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जन्मजयंती भी बना रहे हैं। अब देश ने यह तय किया है कि नेताजी के जन्म दिवस को हम पराक्रम दिवस के रूप में मनाएंगे।

भारत यानी कोटि-कोटि सामान्य जन के खून पसीने, आकांक्षाओं, अपेक्षा की सामूहिक शक्ति। इस दौरान उन्होंने एक कविता भी पढ़ी 

                            भारत यानी राज्य अनेक, राष्ट्र एक। भारत यानी समाज अनेक, भाव एक।
                         भारत यानी पंथ अनेक, लक्ष्य एक। भारत यानी भाषाएं अनेक, अभिव्यक्ति एक।
                                        भारत यानी रंग अनेक, तिरंगा एक।

उन्होंने आगे आत्मनिर्भर भारत पर बोलते हुए कहा कि अपने घर के आसपास जो चीजें बन रही हैं, उसपर मान करना, उसे प्रोत्साहित करना ही वोकल फॉर लोकल है। वोकल फॉर लोकल की भावना तब मजबूत होगी जब इसे एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना से शक्ति मिलेगी।

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देश में त्यौहार के बारे में जागरुकता और बढ़े

उन्होंने कहा कि  देश में भारत के हर राज्य के रहन-सहन, तीज-त्यौहार के बारे में जागरुकता और बढ़े। विशेषतौर पर हमारी समृद्ध आदिवासी परंपराओं, आर्ट और क्राफ्ट से देश बहुत कुछ सीख सकता है। इन सब को आगे बढ़ाने में 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' अभियान बहुत मदद कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि कौशल के महत्व को देखते हुए है 2014 में सरकार बनते ही कौशल विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया। इस अभियान के तहत अब तक करीब 5.5 करोड़ युवा साथियों को अलग-अलग कला व कौशल की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।

भारत आत्मनिर्भर किसी के कहने भर से नहीं होगा, बल्कि आप जैसे युवा साथियों के करने से ही होगा। आप ये तब और ज्यादा बेहतर तरीके से कर पाएंगे जब आपके पास जरूरी स्किल सेट होगा।
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