अब देश में किसी पूर्व प्रधानमंत्री के लिए अलग से स्मारक नहीं बनेगा। सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के लिए 280 करोड़ रुपये से तीन मूर्ति स्थित नेहरू स्मारक भवन में अत्याधुनिक संग्रहालय बनेगा। बृहस्पतिवार को गृहमंत्रालय में हुई बैठक में इस पर फैसला लिया गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार नेहरू के विरासत को खत्म करना चाहती है।
बृहस्पतिवार को नेहरू स्मारक और पुस्तकालय संचालन मंडल की 43वीं बैठक में सभी कांग्रेस सदस्यों ने इस फैसले का विरोध किया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली इस समिति में कुल 26 सदस्य हैं। यह बैठक उपाध्यक्ष राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई। खड़गे ने कहा कि यह नेहरू की स्मृतियों से खिलवाड़ है। यदि सरकार को संग्रहालय बनाना है तो कहीं और जमीन लेकर बना सकती है।
इस पर राजनाथ सिंह ने विश्वास दिलाया की नेहरू की स्मृतियों से कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। संग्रहालय बिलकुल नई बिल्डिंग में बनेगा। इसके अलावा नेहरू स्मारक का सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा। निदेशक शक्ति सिन्हा ने कहा कि इसमें पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा से लेकर मोरारजी देसाई और चरण सिंह से लेकर पीवी नरसिम्हा राव तक के योगदान को तो स्थान मिलेगा ही नए प्रधानमंत्रियों के लिए भी पहले से स्थान आरक्षित होगा।