नई हथियार खरीद समिति बनाने की अवधारणा पर मतभेद के बाद रक्षा मंत्रालय की एक अहम समिति के प्रमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस समिति का गठन रक्षा खरीद और अधिग्रहण विभाग में बदलाव सुझाने के लिए किया गया था। रिटायर्ड नौकरशाह विवेक रॉय इस समिति के प्रमुख थे।
रक्षा मंत्रालय में अधिग्रहण मामलों के महानिदेशक के पद पर काम रहने वाले रॉय ने इस महीने के शुरू में इस्तीफा दे दिया। इस साल मई में रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने धीरेंद्र सिंह समिति की सिफारिश पर इस समिति का गठन किया था। धीरेंद्र समिति नई रक्षा खरीद नीति बनाने में सहयोग कर रही थी।
रॉय की अध्यक्षता वाली समिति में रक्षा मंत्रालय के पूर्व वित्त सलाहकार अमित कौशिश, एयर मार्शल (रिटायर्ड) एनवी त्यागी, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) एवी सुब्रह्मण्यम, आईआईएम के प्रोफेसर प्रीतम सिंह और रक्षा मंत्रालय के अधिकारी जेआरके राव व संजय गर्ग शामिल थे।
सूत्रों ने बताया कि सरकारी प्रतिनिधि डिजाइन, डेवलपमेंट, खरीद और मरम्मत के लिए एक केंद्रकृत मॉडल पर जोर दे रहे थे। उनका कहना था कि ऐसा मॉडल केवल फ्रांस में है जिसे 1960 के दशक में बनाया गया था। वहीं रॉय अमेरिका जैसे मॉडल के पक्ष में थे, जिसमें केंद्रीय स्तर पर नीति बनाई जाती है लेकिन एजेंसियां अपने से उपकरण खरीदती हैं।