दहेज में स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग पूरी न होने पर व्यवसायी शौहर ने अपनी बीवी को पहले फेसबुक पर और फिर फोन पर 'तीन तलाक' दे दिया। इस तरह तलाक को न मानने पर अड़ी महिला ने अब भरण-पोषण के लिए कोर्ट की शरण ली है।महिला के करीब सवा छह माह की एक बच्ची भी है।
दातागंज के मोहल्ला अरेला निवासी मेहनाज पुत्री मोहम्मद हसन की शादी करीब 18 महीने पहले दिल्ली के वसीम से हुई थी। मेहनाज का कहना है कि उसके पिता ने शादी में करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। इसके बावजूद उसका पति स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग कर रहा था। आरोप है कि गाड़ी की मांग को लेकर ससुराल वाले उसका उत्पीड़न करने लगे। 16 मई 2016 को उसके पति और ससुरालियों ने उसे विषाक्त खिलाकर मारने की कोशिश की। किसी तरह उसकी जान बची। घटना के अगले दिन वह अपने मायके पहुंची। इसके बाद 26 नवंबर को उसने बेटी को जन्म दिया। मेहनाज का कहना है कि जब वह गर्भवती थी तभी उसके पति ने फेसबुक पर 24 अक्तूबर 2016 को उसे तीन तलाक दे दिए। पति ने इसके बाद उसे फोन करके तीन तलाक दिए। तब से अब तक वह अपने मायके में ही रह रही है। उसका कहना है कि वह इस तरह दिए गए तलाक को नहीं मानती। इसीलिए कोर्ट में न्याय की गुहार लगाई है।
यह भी पढ़ें- पहले घर से निकाला फिर मोबाइल पर ‘तलाक’ दे डाला
वहीं मेहनाज का कहना है कि जब उसका निकाह वसीम से तय हुआ था तो उसके परिवार वाले काफी खुश थे। पिता का कहना था कि अच्छा रिश्ता मिला है। ऐसे में उसकी शादी धूमधाम से करने और ससुरालियों को कोई शिकायत का मौका न मिलने उसके पिता ने प्लॉट भी बेच दिया। उसकी शादी में 20 लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद भी उसके ससुराली संतुष्ट नहीं हुए।
मामले में एसपी सिटी अनिल कुमार यादव का कहना है कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। महिला कोर्ट गई है। अगर उसने थाने में तहरीर दी होती तो पति और ससुरालियों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया जाता। मामले में जानकारी जुटाई जाएगी।