अपनी मां से मिलतीं मरियम।
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ईरान से भारत लाए गए भारतीय छात्र।
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हमें उम्मीद नहीं थी कि वापस आएंगे
ईरान से लौटी छात्रा ने कहा कि हम खुश हैं क्योंकि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम वापस आ पाएंगे। ईरान में ऐसे हालात हैं। मुझे उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि हमारी पढ़ाई भी पूरी हो जाएगी और ईरान को ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। जिस तरह से उन्होंने हमें निकाला, उसके लिए मैं भारत सरकार की बहुत आभारी हूं। हमें अब तक कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन हमें पता चला है कि यहां से हमारे लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है। मुझे लगता है कि 3 देशों की यात्रा करने के बाद हम बस से यात्रा करने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं अपने सीएम (जम्मू-कश्मीर के) से अनुरोध करती हूं कि वे हमें सुविधा प्रदान करें ताकि हम जल्द से जल्द अपने माता-पिता से मिल सकें।
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अपने पिता के साथ ईरान से लौटा छात्र।
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खुश नजर आए अभिभावक
ईरान से निकाले गए छात्र के पिता ने कहा कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। वो ईरान में एमबीबीएस कर रहा था। मैं उसे कोटा, राजस्थान से लेने आया हूं। मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर लौट रहा है। भारत सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अच्छे प्रयास किए हैं। मैं सरकार से तेहरान में फंसे छात्रों की मदद करने का आग्रह करता हूं। मेरा बेटा सीमा क्षेत्र में था, और वहां हालात इतने तनावपूर्ण नहीं थे, और केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग ही देश से बाहर निकल पाए हैं। तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। एक छात्रा की मां ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मेरी बेटी घर लौट आई है। मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे वापस आएं। भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।