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Operation Sindhu: 'मिसाइलों की तेज आवाज डराती थी', संकटग्रस्त ईरान से भारत लौटे छात्रों ने बताई आपबीती

Thu, 19 Jun 2025 08:43 AM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ईरान में फंसे भारतीय छात्र गुरुवार सुबह भारत लौटे। ऑपरेशन सिंधु के तहत 110 भारतीय छात्रों का जत्था भारत पहुंचा। अपने वतन वापसी पर सभी छात्र और उनके परिजन खुश नजर आए। इस बीच छात्रों ने ईरान के बिगड़ते हालात के बारे में बात की।
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ईरान से लौटे भारतीय छात्र। - फोटो : PTI
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विस्तार
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इस्राइल-ईरान तनाव के बीच ईरान में फंसे भारतीय छात्र गुरुवार सुबह भारत लौटे। ऑपरेशन सिंधु के तहत 110 भारतीय छात्रों का जत्था भारत पहुंचा। अपने वतन वापसी पर सभी छात्र और उनके परिजन खुश नजर आए। इस बीच छात्रों ने ईरान के बिगड़ते हालात के बारे में बात की। छात्रों ने बताया कि ईरान में हालात बेहद खराब हैं। मिसाइलों की तेज आवाज हमें डराती थी। 

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यासिर गफ्फार नाम के छात्र ने बताया कि हमने रात में मिसाइलों को ऊपर से जाते देखा और जोरदार धमाकों की आवाजें सुनीं। डर का माहौल था, लेकिन अब भारत पहुंचकर राहत मिली है। हमने अपने सपनों को अभी नहीं छोड़ा है और हालात सुधरने पर वापस ईरान लौटेंगे। सरकार की इस कार्रवाई के लिए छात्र और उनके परिवारों ने आभार जताया है। 

एक अन्य छात्र ने कहा कि ईरान की स्थिति खराब है और लोग डरे हुए हैं। भारत सरकार ने हमें निकाला। हमें इतनी उम्मीद भी नहीं थी। उन्होंने हर कदम पर हमारी मदद की, किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। हम केंद्र सरकार के आभारी हैं। एक छात्र ने कहा कि मुझे खुशी है कि मैं अपने देश वापस आ गया हूं। ईरान में स्थिति खराब थी। भारत सरकार ने बहुत मदद की, जिसकी वजह से हम घर वापस आ गए।
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एक अन्य छात्र ने कहा कि मैं उर्मिया विश्वविद्यालय में एमबीबीएस का अंतिम वर्ष का छात्र हूं। हमने ड्रोन और मिसाइलें देखीं। हम डर गए थे। हम भारत लौटकर खुश हैं और भारत सरकार, खासकर विदेश मंत्रालय के बहुत आभारी हैं। हमारे माता-पिता भी चिंतित थे, लेकिन अब वे खुश हैं।छात्रा गजल ने कहा कि हम सभी बहुत खुश हैं कि हम घर लौट आए और भारतीय दूतावास ने हमें सही तरीके से निकाला। हम उनके बहुत आभारी हैं। उर्मिया में जहां हम रहते थे, वहां की स्थिति तेहरान से बहुत बेहतर थी।

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अपनी मां से मिलतीं मरियम। - फोटो : PTI
हमने अपने छात्रावास से मिसाइलें गुजरती देखीं: मरियम
ईरान से आईं छात्रा मरियम रोज ने कहा कि भारतीय दूतावास ने हमारे लिए पहले से ही सब कुछ तैयार कर रखा था। हमें किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। हम तीन दिनों के लिए यात्रा कर रहे हैं, इसलिए हम थके हुए हैं। जब हम वहां से निकले थे, तब उर्मिया में स्थिति इतनी खराब नहीं थी। हमने अपने छात्रावास की खिड़कियों से मिसाइलों को गुजरते देखा। छात्र अमन अजहर ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं। मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता कि मैं अपने परिवार से मिलकर कितना खुश हूं? ईरान में हालात बहुत खराब हैं। वहां के लोग भी हमारे जैसे ही हैं; छोटे-छोटे बच्चे भी हैं जो तकलीफ में हैं। युद्ध अच्छी चीज नहीं है। यह मानवता को खत्म कर देता है। 

एक अन्य छात्र ने कहा कि ईरान की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। तेहरान में स्थिति बहुत खराब है। वहां से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। हम उर्मिया विश्वविद्यालय से हैं। भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है। हमें हमारे विश्वविद्यालय से निकाला गया और आर्मेनिया ले जाया गया। इसके बाद हमें कतर ले जाया गया। कतर से हम भारत पहुंचे।

ईरान से भारत लाए गए भारतीय छात्र। - फोटो : पीटीआई
हमें उम्मीद नहीं थी कि वापस आएंगे
ईरान से लौटी छात्रा ने कहा कि हम खुश हैं क्योंकि हमें उम्मीद नहीं थी कि हम वापस आ पाएंगे। ईरान में ऐसे हालात हैं। मुझे उम्मीद है कि युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा, क्योंकि हमारी पढ़ाई भी पूरी हो जाएगी और ईरान को ज्यादा नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। जिस तरह से उन्होंने हमें निकाला, उसके लिए मैं भारत सरकार की बहुत आभारी हूं। हमें अब तक कोई परेशानी नहीं हुई। लेकिन हमें पता चला है कि यहां से हमारे लिए बसों की व्यवस्था की जा रही है। मुझे लगता है कि 3 देशों की यात्रा करने के बाद हम बस से यात्रा करने के लिए तैयार नहीं हैं। मैं अपने सीएम (जम्मू-कश्मीर के) से अनुरोध करती हूं कि वे हमें सुविधा प्रदान करें ताकि हम जल्द से जल्द अपने माता-पिता से मिल सकें।

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अपने पिता के साथ ईरान से लौटा छात्र। - फोटो : PTI
खुश नजर आए अभिभावक
ईरान से निकाले गए छात्र के पिता ने कहा कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। वो ईरान में एमबीबीएस कर रहा था। मैं उसे कोटा, राजस्थान से लेने आया हूं। मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर लौट रहा है। भारत सरकार की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने अच्छे प्रयास किए हैं। मैं सरकार से तेहरान में फंसे छात्रों की मदद करने का आग्रह करता हूं। मेरा बेटा सीमा क्षेत्र में था, और वहां हालात इतने तनावपूर्ण नहीं थे, और केवल सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोग ही देश से बाहर निकल पाए हैं। तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।  एक छात्रा की मां ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मेरी बेटी घर लौट आई है। मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे वापस आएं। भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई। 


 
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