भारतीय तटरक्षक के सातवें अपतटीय गश्ती पोत विग्रह की मंगलवार को लॉन्चिंग के बाद समुद्री तटों की सुरक्षा और बढ़ गई है। इसे कट्टूपल्ली में तटरक्षक में शामिल किया गया। इसे लार्सन एंड टूब्रो ने तैयार किया है। यह उन सात गश्ती पोतों में आखिरी है जिसके लिए रक्षामंत्रालय ने 2015 में कंपनी से करार किया था। यह पहला मौका है जब निजी क्षेत्र की कंपनी ने अपतटीय गश्ती पोत का निर्माण किया है।
गश्ती पोत ‘विग्रह’ 98 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। यह 5000 नॉटिकल मील तक यात्रा कर सकता है और 26 नॉट्स की रफ्तार से चल सकता है। इसमें एक 30 एमएम की 2ए42 तोप और 12.7 एमएम की दो तोपों लगी हैं। साथ ही इसमें दो इंजन वाला एक हेलिकॉप्टर भी होगा जिससे निगरानी, तलाशी और बचाव अभियान की क्षमताएं बढ़ेंगी। मार्च 2021 तक ट्रायल और टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसके तटरक्षा के लिए तैनात किए जाने की उम्मीद है।
समारोह में शामिल हुए वित्त मंत्रालय के सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा, तटरक्षा में तेजी से बढ़ोतरी की जा रही है। इसकी क्षमताओं को बढ़ाया जा रहा है ताकि दुश्मन समुद्र के रास्ते देश का बाल भी बांका न कर सके। कार्यक्रम में तटरक्षक निदेशक जनरल के नटराजन और लार्सन एंड टूब्रो के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।