पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमने के साथ-साथ अपने सौरमंडल के सूर्य के चारों ओर भी चक्कर लगाती है। दूसरी ओर, चंद्रमा दरअसल पृथ्वी का उपग्रह है और उसके चक्कर लगता है, इसलिए, जब भी चंद्रमा चक्कर काटते-काटते सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है, तब पृथ्वी पर सूर्य आंशिक या पूर्ण रूप से दिखना बंद हो जाता है।
इसी घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है। सूर्य ग्रहण आंशिक और पूर्ण दोनों तरह का हो सकता है। आंशिक सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के कुछ ही हिस्से को ढकता है और जब इस नजारे को पृथ्वी से देखा जाए तो सूर्य एक डिस्क की तरह दिखाई देता है।
यूट्यूब पर नासा लाइव स्ट्रीमिंग कर दिखाता है सूर्य ग्रहण की खगोलीय घटना
जब भी सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण आता है तो नासा लाइव स्ट्रीमिंग करता है। लोग इसे यूट्यूब पर आसानी से देख सकते हैं।
कहां-कहां दिखाई देगा सूर्य ग्रहण?
आज का आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में तो नहीं दिखाई देगा, लेकिन उत्तरी यूरोप से लेकर पूर्वी एशिया, रूस समेत नॉर्थ अमेरिका, नॉर्थ पश्चिमी एशिया, साउथ कोरिया, मास्को, चीन जैसे कई देशों के लोग देख पाएंगे। नासा के मुताबिक, इन इलाकों में रहने वाले लोग 65 फीसदी आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार कर पाएंगे।
ग्रहण को नग्न आंखों से न देखें
एक तरफ जहां यह भारत में आज का आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा लेकिन उत्तरी गोलार्ध में यह दिखाई देगा। इस बार का सूर्य ग्रहण साइबेरिया में अच्छे से दिखाई देगा। यहां लोग 65 फीसदी सूर्य ग्रहण देख पाएंगे। इसलिए यह सलाह दी गई कि लोग इसे देखने के लिए स्पेशल ग्लास या फिर लेंस का इस्तेमाल करें। ग्रहण को नग्न आंखों से बिल्कुल न देखें।
1. सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और मूर्ति पूजा नहीं करनी चाहिए।
2. मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी और शामी के पौधे को नहीं छूना चाहिए।
3. ग्रहण काल के दौरान खाना खाने और पकाने की मनाही होती है।
4. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सोना नहीं चाहिए।
5. ग्रहण के वक्त मंत्रों का उच्चारण करने का चलन है।
6. हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल खत्म होने के बाद पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए।
7. अगर घर पर ही हैं तो नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए।
8. ग्रहण काल के बाद गरीबों और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देने का विधान है।
जूते चप्पल का दान शुभ
आज शनिवार को विशेष संयोग बन रहा है। आज शनि अमावस्या के साथ-साथ सूर्य ग्रहण भी है। इसके अलावा इस दिन हरियाली अमावस्या का त्योहार भी है। शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शनि अमावस्या पर जूते चप्पल का दान शुभ माना जाता है। शमी के पेड़ की पूजा करना भी फलदायी होगा। मान्यता कि जो भक्त हनुमान जी की पूजा करते हैं उन्हें शनि देव कभी भी पीड़ा नहीं पहुंचाते। शनि अमावस्या पर तेल चढ़ाने और दीपक जलाने से शनि दोष और पितृ दोष आसानी से दूर हो जाता है। काली गाय की सेवा करने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है।