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Lead: हर वर्ष सीसे के कारण 55 लाख लोगों की जा रही है जान, द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल से हुआ खुलासा

Tue, 19 Sep 2023 05:53 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सीसे के संपर्क में आने से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में 765 मिलियन इंटेलिजेंस कोशेंट (आईक्यू) अंक का नुकसान हुआ। सीसे के संपर्क में आने के कारण मध्यम आय वाले देशों में आईक्यू हानि पिछले अनुमान की तुलना में करीब 80 प्रतिशत ज्यादा थी।
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heart - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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दुनिया में हृदय रोग से एक साल में होने वाली सभी मौतों में से 30 फीसदी मौत सीसे (लेड) के संपर्क में आने से हो रही है। एक अध्ययन के अनुसार सीसा के संपर्क में आने से एनीमिया, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की दुर्बलता, इम्यूनोटॉक्सिसिटी और प्रजनन अंगों में विषाक्तता होती है। इसके अलावा यह दमा और  श्वसन रोगों के लिए भी जिम्मेदार है। इतना ही नहीं, सीसा हृदय के लिए भी यह बेहद खतरनाक है इसका खुलासा एक नए शोध से हुआ है। द लांसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार 2019 में वैश्विक स्तर पर हृदय रोग से होने वाली सभी मौतों में से 55 लाख लोगों की मौत सीसे के संपर्क में आने से हुई। यह हृदयरोग से संबंधित सभी मौतो का करीब तीस फीसदी है।
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इस तरह आते हैं संपर्क में
दूषित पानी, भोज्य पदार्थ, मिट्टी, पेंट चिप्स, सीसायुक्त सामग्रियों को जलाने से उत्पन्न कणों का अंतःश्वसन, गलाने और पुनर्चक्रण के कारण  इसके संपर्क में आते हैं। वैश्विक लेड खपत का तीन चौथाई हिस्सा मोटर वाहनों के लिए लेड एसिड बैटरी के निर्माण हेतु प्रयोग किया जाता है।

बच्चों का आईक्यू भी होता है कम
सीसे के संपर्क में आने से पांच साल से कम उम्र के बच्चों में 765 मिलियन इंटेलिजेंस कोशेंट (आईक्यू) अंक का नुकसान हुआ। सीसे के संपर्क में आने के कारण मध्यम आय वाले देशों में आईक्यू हानि पिछले अनुमान की तुलना में करीब 80 प्रतिशत ज्यादा थी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य के लिए 10 खतरनाक रसायनों में से सीसे को भी शामिल किया है।  
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तीन में से एक बच्चे में स्तर खतरनाक 
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष और अमेरिका स्थित पर्यावरणीय स्वास्थ्य गैर-सरकारी संस्था प्योर अर्थ की 2020 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में लगभग 27.5 करोड़ यानी तीन में से एक बच्चे के रक्त में सीसे का स्तर पांच माइक्रोग्राम प्रति डेसीलिटर (विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सहनीय सीमा) से अधिक दर्ज किया गया है।

देश के पांच राज्यों की स्थिति खराब 
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में जनसंख्या के बीच औसत रक्त सीसे के स्तर के संदर्भ में लगभग 23 राज्य 5 माइक्रोग्राम/डीएल मार्जिन से अधिक हैं। शेष 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्तर निर्धारित नहीं किया जा सका क्योंकि डाटा एकत्र करने के लिए अनुसंधान और स्क्रीनिंग तंत्र की कमी है। बिहार (औसत रक्त सीसा स्तर 10.42), उत्तर प्रदेश (8.67), मध्य प्रदेश (8.32), झारखंड (8.15 ), छत्तीसगढ़ (7.46) और आंध्र प्रदेश में ( 40 प्रतिशत आबादी के रक्त में सीसे का स्तर) 7.14 माइक्रोग्राम/डीएल है।
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