केरल उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से धर्मार्थ संगठनों और धार्मिक संस्थानों के कामकाज को विनियमित करने के लिए एक समान केंद्रीय कानून की संभावना का पता लगाने का अनुरोध किया है।