नोटबंदी पर संसद के शीतकालीन सत्र में चल रहा विपक्ष का हमलावर रुख सोमवार को भी बरकरार रहा। विपक्ष नोटबंदी के विरोध में मोदी सरकार पर निशाना साधे हुए है और संसद में पीएम मोदी के भाषण के लिए अड़ा हुआ है। सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए दिखे।
उन्होंने कहा कि ये फैसला राष्ट्रहित में लिया गया है, लेकिन भारी विरोध की वजह से लोकसभा को स्थगित कर दिया गया। थोड़ी देर बाद दोनों सदनों में एक बार प्रश्नकाल फिर से शुरू हुआ, लेकिन हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब नोटबंदी के कारण दोनों सदन स्थगित हुए हो। नोटबंदी का विरोध इस कदर बढ़ गया है कि संसद की कार्यवाही एक दिन भी ढंग से नहीं चल पाई है।
दोनों में सदनों में नोटबंदी पर विरोध और बार-बार स्थगित होने के बाद अमर उजाला ने ऑनलाइन पोल किया। अमर उजाला ने पाठकों से सवाल पूछा कि, 'राज्यसभा-लोकसभा में काम न हो पाने के लिए कौन जिम्मेदार है?'
कुल 8,748 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। सबसे अधिक 71.19 फीसदी यानि 6,228 पाठकों ने राज्यसभा-लोकसभा में काम न हो पाने के लिए विपक्ष की जिद को जिम्मेदार ठहराया है। पाठकों का मानना है कि विपक्ष अपनी जिद पर अड़ा हुआ है और वह दोनों सदनों की कार्यवाही में रोक लगा रहा है। वहीं 28.81 फीसदी यानि 2,520 पाठकों ने माना केंद्र लोकसभा-राज्यसभा में काम न हो पाने के लिए सरकार के अड़ियल रवैये को जिम्मेदार ठहराया है।