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टूटने से बच सकता है आईएनएस विराट, मालिक सौ करोड़ में बेचने को राजी

Fri, 02 Oct 2020 02:34 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद।
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आईएनएस विराट - फोटो : पीटीआई
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नौसेना से हटाए गए ऐतिहासिक युद्धपोत आईएनएस विराट के नए स्वामी ने मुंबई स्थित कंपनी को इसे 100 करोड़ रुपये में बेचने को तैयार है, जो इसे ध्वस्त करने से बचा कर संग्रहालय में बदलना चाहती है। विमान वाहक पोत विराट को 1987 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।

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वर्ष 2017 में इसे नौसेना से हटा दिया गया था, जिसे बाद में श्रीराम ग्रुप ने इसी साल नीलामी में 38.54 करोड़ रुपये में खरीद लिया था। भारतीय समुद्री वरासत के प्रतीक इस युद्धपोत को पिछले हफ्ते गुजरात के अलंग जहाज तोड़ने वाले यार्ड में पहुंचाया गया था।


श्रीराम ग्रुप के चेयरमैन मुकेश पटेल ने बताया कि जहाज को चूंकि एक नीलामी में कबाड़ के तौर पर खरीदा गया था, इसलिए अब इच्छुक खरीदारों को रक्षा मंत्रालय से इसे खरीदने के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना पड़ेगा।
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पटेल ने कहा, मैंने इस युद्धपोत को अपने देशप्रेम के कारण खरीदा था। अब मुंबई की एक कंपनी इस पोत को संग्रहालय में तब्दील करना चाहती है। यहां भी देशप्रेम के कारण ही मैं इस पोत को बेचने को तैयार हुआ, लेकिन इसके लिए उसे पहले अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। बिना उसके मैं इसे दोबारा नहीं बेच सकता।

पटेल ने कहा, पहले तो मैं इसके 125 करोड़ रुपये मांग रहा था, लेकिन बाद में कंपनी के नेक काम का विचार करते हुए इसे 100 करोड़ में बेचने को तैयार हो गया।

उन्होंने कहा कि यह पेशकश केवल सीमित अवधि के लिए है और वह केवल अगले हफ्ते तक इंतजार कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि एनवीटेक मरीन कंसलटेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन निदेशक वीके शर्मा ने विराट को खरीदने में रुचि दिखाई है।

आईएनएस विराट दूसरा पोत, जो टूटने जा रहा
यह दूसरा विमान वाहक पोत है जिसे तोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। गौरतलब है कि 2014 में आईएनएस विक्रांत को मुंबई में तोड़ा गया था। उल्लेखनीय है कि 70 वर्ष पुराना पोत 1982 में अर्जेंटीना के खिलाफ शाही ब्रिटिश नौसेना की ओर से विजयी युद्ध में हिस्सा ले चुका है।

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