हाईकोर्ट ने प्रतिबंधित महिला आतंकी संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत की मुखिया आसिया अंद्राबी व उसकी दो महिला सहयोगियों की याचिका पर केंद्र सरकार व तिहाड़ जेल प्रशासन से जवाब मांगा है। अंद्राबी व उसकी सहयोगियों ने उन्हें एकांत कारागार में रखे जाने के खिलाफ याचिका दायर की है। अंद्राबी पर पाकिस्तान के सहयोग से देश के खिलाफ अलगाव फैलाने व युद्ध छेड़ने का आरोप है। इन तीनों को अप्रैल 2018 में कश्मीर की जेल से गिरफ्तार किया गया था।
जस्टिस नजमी वजीरी ने केंद्रीय गृहमंत्रालय व तिहाड़ जेल महानिरीक्षक को नोटिस जारी कर जवाब मांगते हुए सुनवाई के लिये 15 जनवरी 2019 की तारीख तय की है। हाईकोर्ट में अधिवक्ता ध्रुव टमटा व शारिक इकबाल के जरिये याचिका दायर कर इन महिला आरोपियों ने कहा है कि तिहाड़ जेल में उन्हें उनके बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्हें उपचार व दवायें नहीं मिल रही है। उन्हें पढ़ने के लिये चश्मा भी नहीं दिया जा रहा है।
याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ताओं को फौरन एकांत कारागार से दूसरे सेल में शिफ्ट करने का निर्देश दिया जाये। तिहाड़ जेल को उनके इलाज व दवाओं की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया जाये। इसके अलावा उन्हें वह सभी सुविधायें दी जायें जो अन्य विचाराधीन कैदियों को तिहाड़ जेल में दी जा रही हैं।