मैने कुछ नहीं किया है, मुझे फंसाने की साजिश रची गई है, जिसमें...सियालदह कोर्ट में सुनवाई के बाद पुलिस वैन से वापस ले जाते आरजी कर मामले का मुख्य आरोपी संजय रॉय ने पत्रकारों से चिल्लाकर यह बात कही।
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में तीन महिने पहले 9 अगस्त को महिला जूनियर डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने का अभियान जारी है। इसी सिलसिले में आज डॉक्टर की हत्या और बलात्कार मामले की सुनवाई सोमवार को सियालदह कोर्ट में हुई। जहां अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश अनिरबन दास की अदालत में यह सुनवाई बंद कमरे में हुई। बता दें कि मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता के पिता गवाह के तौर पर मौजूद थे।
विज्ञापन
अदालत में सुनवाई के दौरान मामले के मुख्य आरोपी संजय रॉय की पेशी हुई। रॉय ने पेशी के दौरान पुलिस पर फंसाने की साजिश का आरोप लगाया। रॉय ने कहा कि उसे फंसाने की साजिश की गई है। जिसमें पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।
अदालत से निकलने के बाद बोला आरोपी
मामले की सुनवाई के बाद अदालत से बाहर आने के दौरान रॉय ने वहां उपस्थित पत्रकारों से चिल्लाकर कहा कि मैने कुछ नहीं किया है मुझे फंसाया गया है। यह सब वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश है। रॉय ने विनीत गोयल और डीसी स्पेशल का नाम लिया और दावा किया कि इन अधिकारियों ने उन्हें फंसाने के लिए योजना बनाई।
विज्ञापन
रॉय पर आरोप
जानकारी के अनुसार रॉय पर भारतीय दंड संहिता की धारा 64 (बलात्कार), धारा 66 (हत्या या गंभीर चोट पहुंचाने की सजा) और धारा 103 (हत्या की सजा) के तहत आरोप लगाए गए हैं। रॉय को 9 अगस्त को महिला जूनियर डॉक्टर की हत्या के बाद 10 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। गौरतलब हो कि इस घटना के बाद पूरे देश में गुस्सा फैल गया था। बाद में, कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की।