केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी
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केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता की नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि गुपकार गैंग पाकिस्तान से आए शरणार्थियों को मताधिकार नहीं दे पाया। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अहसास था कि जिन लोगों ने पाकिस्तान को छोड़कर भारत आने का विकल्प चुना है, उन्हें यह अधिकार दिया जाना चाहिए।
गुपकार गैंग ने सभी को वोट देने के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष नहीं किया, लेकिन अब वोट चाहिए, तो हिमायती बनकर आगे आ रहे हैं।
क्या है गुपकार गठबंधन
दरअसल, गुपकार जम्मू-कश्मीर के विपक्षी दलों का एक गठबंधन है, जिसे पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेयरेशन (पीएजीडी) का नाम दिया गया है, जो एक तरह का घोषणा पत्र है। इसी गुपकार घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली सभी पार्टियों के एक समूह को गुपकार गठबंधन कहा जाता है।
गुपकार समझौते का लक्ष्य
गुपकार समझौते के प्रमुख लक्ष्य अनुच्छेद 370 की बहाली करना है। इस समझौते के तहत गठबंधन के अध्यक्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारुक अब्दुल्ला हैं और इसकी उपाध्यक्ष पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती हैं।
क्यों पड़ा गुपकार नाम?
दरअसल, गुपकार एक सड़क का नाम है। इसी सड़क पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला का घर है। बैठक उनके घर पर हुई थी, इसीलिए इसे गुपकार समझौते का नाम दे दिया गया। इसी जगह पर यानी फारूक अब्दुल्ला के आवास पर राज्य से आर्टिकल 370 हटने से एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2019 को कश्मीर के कुछ दलों ने एक साथ बैठक की थी।