अरुणाचल प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी माउंट कांगटो पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराने वाली 11 पारा स्पेशल फोर्सेज टीम को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी पर्णाइक (सेवानिवृत्त) ने बधाई दी। 4 कोर के तत्वावधान में संचालित इस अभियान के साथ ही 11 पारा एसएफ राज्य की इस दुर्गम पर्वत-चोटी पर पहुंचने वाली देश की पहली पर्वतारोही टीम बन गई है।
लोक भवन ईटानगर में टीम से मुलाकात
8 दिसंबर को ईटानगर स्थित लोक भवन में टीम से मुलाकात के दौरान राज्यपाल ने उनके जज्बे और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की श्रेष्ठ परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए टीम ने न सिर्फ चोटि फतेह की, बल्कि ऐसा रूट भी तैयार किया है, जिसे भविष्य में अन्य अभियान अपना सकेंगे। उन्होंने इसे सेना की इस यूनिट और फॉर्मेशन—दोनों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
अब अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों के लिए खुलेगा रास्ता
राज्यपाल ने कहा कि इस उपलब्धि से अरुणाचल प्रदेश को बड़ा फायदा मिलेगा। अब राज्य अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों के लिए अपने रूट खोलने पर विचार कर सकता है। इससे साहसिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
26 नवंबर को पहली बार कांगटो पर लहराया तिरंगा
अभियान के तहत 26 नवंबर 2025 को पहली बार माउंट कांगटो की चोटी पर तिरंगा फहराया गया। इसे राज्य के इतिहास में दर्ज होने वाला अभूतपूर्व पल बताया जा रहा है। टीम ने बर्फीली आंधियों, खड़ी बर्फीली दीवारों, गहरी दरारों और एलएसी के संवेदनशील इलाकों में लगातार जोखिम भरी स्थितियों का सामना करते हुए यह सफलता हासिल की।
कठोर सर्दी में कठिन चढ़ाई
टीम ने कई हफ्तों तक कठिन चढ़ाई करते हुए उच्च हिमांशु शिविरों की श्रृंखला स्थापित की, खतरनाक ढलानों पर फिक्स रोप लगाई और शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान में चढ़ाई जारी रखी।
3 नवंबर को फ्लैग-ऑफ, 30 नवंबर को सफलता
18 सदस्यीय इस अभियान को 3 नवंबर 2025 को खिर्मू हेलिपैड, तवांग से जीओसी 4 कोर ने फ्लैग-ऑफ किया था। सफलता के बाद 30 नवंबर को इसे दीरांग (पश्चिम कामेंग) में जीओसी-इन-सी ईस्टर्न कमांड ने फ्लैग-इन किया।