भारत-चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने 59 चाइनीज एप पर रोक लगाने की घोषणा कर दी है। दूसरे उत्पादों एवं तकनीकी उपकरणों को लेकर भी कई सख्त फैसले लिए जा रहे हैं।
दर्जनों मामले हैं, जहां पर सीधे तौर से चीनी कंपनियां का हस्तक्षेप रहा है। यूसी ब्राउजर हमेशा से ही शक के दायरे में रहा है। 2017 में रक्षा मंत्रालय ने एक एडवायजरी जारी की गई थी, जिसमें लिखा था कि सेना में चीनी एप्स का इस्तेमाल बिल्कुल बंद कर दिया जाए।
जवानों से कहा गया कि वे अपना मोबाइल फोन फॉर्मेट कर लें। बतौर मिश्रा, मुंबई अटैक में हेडली ने जो भूमिका निभाई थी, चीनी एप भी कुछ वैसा ही कर रहे हैं। जब ये पकड़े जाते हैं तो इनके बड़े पदाधिकारी कानून के सामने नहीं आते।
एक ऐसे ही केस में यूसी ब्राउसर के इंडिया एवं इंडोनेशिया हेड डेमोन सी के खिलाफ पांच गैर जमानती वारंट जारी हुए, लेकिन वे अदालत में पेश नहीं हुए। एसबीआई और एलआईसी के लिंक यूसी ब्राउजर पर चल रहे थे।
केंद्र सरकार में सिक्योरिटी एजेंसी से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि खुफिया एजेंसियां अब पूरी तैयारी के साथ इन एप की जांच में जुट गई हैं। सभी मंत्रालय कम से कम दो तीन साल पहले तक का अपना डाटा चेक करेंगे।
सैन्य प्रतिष्ठान भी अपनी आईटी पॉलिसी में बदलाव ला रहे हैं। देश में मौजूद चीनी कंपनियों के अधिकारियों से डाटा चोरी को लेकर जल्द पूछताछ शुरू हो सकती है।