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Delta Plus: छह राज्यों में डेल्टा प्लस, मरीजों की संख्या बढ़कर 40, सात दिन में बढ़े 32 मरीज

Thu, 24 Jun 2021 06:59 AM IST
संजीव कुमार झा पीटीआई, बंगलूरू

सार

कर्नाटक में कोरोना वायरस के ‘डेल्टा प्लस’ स्वरूप का पहला मामला सामने आने के बाद से राज्य सरकार सावधान हो गई है।
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डेल्टा प्लस - फोटो : pixabay
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विस्तार
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कोरोना वायरस का नया डेल्टा प्लस वैरिएंट काफी तेजी से बढ़ने लगा है। बीते सात दिन में 32 और मरीजों में यह मिला है। इसी के साथ ही देश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के कुल मामले बढ़कर 40 हो चुके हैं। बीते 16 जून तक देश में आठ सैंपल की सीक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस मिला था। बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र, केरल और मध्य प्रदेश में डेल्टा प्लस के 40 मामले सामने आए हैं। हालांकि जीनोम सीक्वेंसिंग से जुड़े वैज्ञानिकों का कहना है कि तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और गुजरात में भी एक से तीन सैंपल में इसकी पुष्टि हो चुकी है।  मंत्रालय का कहना है कि महाराष्ट्र, केरल और मध्यप्रदेश को सतर्कता बढ़ाने और जन स्वास्थ्य संबंधी उचित कदम उठाने की सलाह दी गई है।

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स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान में कहा है कि डेल्टा प्लस समेत डेल्टा के सभी उप-वंशों को गंभीर श्रेणी में रखा है। देश में अब तक 45 हजार से अधिक सैंपल की सीक्वेंसिंग हो चुकी है। बीते पांच अप्रैल से 15 मई के बीच लैब में पहुंचे आठ सैंपल में इसकी पहचान हुई थी। इंग्लैंड के जन स्वास्थ्य (पीएचआई) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा कि इस स्वरूप के संक्रमण का पहला मामला महाराष्ट्र से एकत्र किए गए नमूने में मिला। यह नमूना पांच अप्रैल को एकत्र किया था। 18 जून तक दुनिया भर में डेल्टा प्लस की मौजूदगी 205 सैंपल की सीक्वेंसिंग में हो चुकी है जिनमें 50 फीसदी मामले अमेरिका और ब्रिटेन में हैं।

इंडियन सार्स कोव-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) का हवाला देते हुए मंत्रालय ने कहा है कि डेल्टा यानू बी.1.617.2 की पहचान हुई थी। बी.1.617.2 वैरिएंट में के417एन नामक म्यूटेशन होने के बाद डेल्टा प्लस सामने आया है। इनका कहना है कि डेल्टा के सभी उप वंशों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। हालांकि डेल्टा प्लस को लेकर अभी जांच की जा रही है। वर्तमान में इसके कम मामले हैं।
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कर्नाटक में मिला पहला मामला
बंगलूरू।  कर्नाटक के मैसूरू में डेल्टा प्लस स्वरूप मिलने के पहले मामले की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य मंत्री के सुधाकर ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं है और उसके किसी भी संपर्क में यह वायरस नहीं आया है। मरीज को आइसोलेट कर दिया गया है। सरकार सावधानी से इस नए वैरिएंट की निगरानी कर रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने छह जीनोम लैब स्थापित करने का फैसला किया है। हमें जहां भी संदेह हो रहा है वहां जीनोम सीक्वेंसिंग की जा रही है। कुल सैंपल जांच में से पांच फीसदी जांच औचक की जा रही है।  




डेल्टा प्लस वेरिएंट से कोई मौत नहीं: टोपे
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के कारण कोई मौत नहीं हुई और कुछ इस वेरिएंट से ठीक हो गए हैं। इस वेरियंट से कोई बच्चा संक्रमित नहीं हुआ है। 

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