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बिहार चुनाव: NDA में भी टूट के आसार, गठबंधन बचाने की आखिरी कोशिशें जारी

Sun, 04 Oct 2020 08:10 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नीतीश कुमार और चिराग पासवान - फोटो : पीटीआई
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जदयू-लोजपा के बीच चरम पर पहुंची जंग के कारण गठबंधन पर संकट गहरा गया है। राजग में टूट तय है, हालांकि इसे टालने के लिए भाजपा की ओर से अंतिम कोशिश जारी है। सम्मानजनक सीट बंटवारे को प्रतिष्ठा का सवाल बनाते हुए लोजपा ने चुनाव में जदयू के खिलाफ उम्मीदवार उतारने के साफ संकेत दिए हैं।

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भाजपा की गठबंधन बचाने की अंतिम कोशिश के कारण गठबंधन पर अंतिम फैसला लेने के लिए शनिवार को होने वाली लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक को केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की अस्वस्थता के बहाने टाल दिया गया है।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक शनिवार देर रात तक पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से गठबंधन को बचाने की कोशिश जारी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता लोजपा और जदयू के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में लगे हैं। हालांकि जदयू और लोजपा के रुख को देखते हुए बीच का रास्ता निकलने की संभावना कम ही दिखती है।
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जदयू 122 और भाजपा 121 सीट
लोजपा राज्य की 42 सीटों पर अपनी दावेदारी जता रही है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रभारी भूपेंद्र यादव और गृह मंत्री अमित शाह से कई दौर की बातचीत के बीच लोजपा अब 34 सीटें मांग रही है। भाजपा की मुश्किल जदयू का रवैया है। जदयू अपने कोटे से लोजपा को एक भी सीट नहीं देना चाहता।

जदयू खुद 122 और भाजपा के हिस्से में बाकी बची 121 सीटें देना चाहता है। जदयू का प्रस्ताव है कि भाजपा लोजपा की तो वह हम की जिम्मेदारी की जिम्मेदारी ले। हालांकि लोजपा की मांग से भाजपा असहज है।

पार्टी ने लोजपा को 15 से 18 सीटों का प्रस्ताव दिया था। लोजपा इसके लिए तैयार नहीं है। भाजपा की मुश्किल है कि अगर उसने लोजपा की मांग मानी तो उसके हिस्से में महज 87 सीटें ही बचेगी।

भाजपा चाहती है कि जदयू
लोजपा को अपने हिस्से से भी कुछ सीटें दे कर विवाद को खत्म करे। मगर जदयू इसके लिए तैयार नहीं है। नीतीश से बातचीत के बाद भाजपा की टीम पटना से दिल्ली लौट चुकी है।

जदयू के खिलाफ उम्मीवारी पर अड़ी लोजपा
लोजपा राज्य में भाजपा के साथ तो जदयू के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरना चाहती है। पार्टी बार-बार संदेश दे रही है कि वह केंद्र के साथ विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ बनी रहेगी। शनिवार को लोजपा ने पटना सहित कई अन्य शहरों में मोदी से बैर नहीं नीतीश तेरी खैर नहीं के पोस्टर लगा कर अपनी भावी रणनीति का खुलासा कर दिया।

हालांकि पूरे मामले में खुद लोजपा के अंदर भी रामविलास पासवान की विरासत पर अंदरखाने जंग चल रही है। पासवान के भाई पशुपति पारस और चिराग के संबंध ठीक नहीं बताए जा रहे। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के छह में से पांच सांसद पशुपति के साथ हैं।

भाजपा सीईसी की बैठक आज
गठबंधन पर सस्पेंस के बीच उम्मीदवारों के चयन के लिए भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक रविवार को बुलाई गई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शनिवार देर रात तक बैठकों के दौर से अगर सकारात्मक संकेत मिले तो पार्टी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करेगी। दूसरी स्थिति में पार्टी उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है।

क्या शहीद होना चाहती है लोजपा
लोजपा ने पार्टी संरक्षक रामविलास पासवान के स्वास्थ्य कारणों का हवाला दे कर शनिवार की संसदीय बोर्ड की बैठक टाली है। इससे कयास लगाए जा रहे हैं कि इस सियासी जंग में लोजपा खुद को शहीद के रूप में पेश करना चाहती है। अगर लोजपा की बैठक से पहले भाजपा-जदयू में सीट बंटवारे की घोषणा हुई तो लोजपा प्रचारित करेगी कि उसने गठबंधन छोड़ा नहीं बल्कि उसे निकाला गया है।

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