सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अब देश में पेट्रोल-डीजल के दाम उनकी रिफाइनिंग में आ रही लागत के लगभग बराबर पहुंच गए हैं। इसका मतलब है कि पिछले कई महीने से घट रहे तेल के दाम अब स्थिर हो सकते हैं। साथ ही इन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि दामों में इतनी कमी के बावजूद उनका फिलहाल अपनी तरफ से दी जा रही 1 रुपये लीटर की सब्सिडी का घाटा पूरा करने के लिए दामों में बढ़ोतरी का कोई इरादा नहीं है।
बता दें कि 4 अक्तूबर को सरकार ने तेल के बढ़ते दामों पर अंकुश लगाने के लिए एक्साइज ड्यूटी में 1.50 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी और सरकारी तेल कंपनियों को भी प्रति लीटर 1 रुपये की कटौती वहन करने का आदेश दिया था। प्रति लीटर 2.50 रुपये की इस कमी का तत्काल प्रभाव अपनी सर्वकालिक ऊंचाई पर पहुंच चुके तेल के दामों के घटने के रूप में सामने आया था।
इस 1 रुपये प्रति लीटर की कमी के चलते इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के राजस्व को करीब 4500 करोड़ रुपये का झटका लगा था। लेकिन आईओसी चेयरमैन संजीव सिंह ने यहां कहा, हमारा यह घाटा पूरा करने का इरादा नहीं है। हमने सरकार के कहने पर दामों में 1 रुपया प्रति लीटर की सब्सिडी दी थी, लेकिन इसके बाद दामों में आई कमी का लाभ हमने हर दिन ग्राहकों को ही दिया है।