हरियाणा से दिल्ली को मिलने वाले पानी पर मात्रा व गुणवत्ता की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने छह सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति इस बात का अध्ययन करेगी कि वजीराबाद जल संयंत्र को कितना पानी मिलता है और इसकी गुणवत्ता कैसी है।
जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने पानी की आपूर्ति को लेकर दिल्ली व हरियाणा के बीच आरोप प्रत्यारोप के मद्देनजर यह फैसला किया। पीठ ने समिति को तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट दिल्ली जल बोर्ड के उस आवेदन पर सुनवाई कर रहा है जिसमें हरियाणा और पंजाब पर कम और दूषित पानी की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया है। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि मामले की मेरिट में जाने से पहले समिति का गठन करना उचित होगा। समिति उस जगह का निरीक्षण कर रिपोर्ट देगी।
कमेटी यह देखेगी कि वजीराबाद संयंत्र पर पहुंचने से पहले पानी को डायवर्ट तो नहीं किया जा रहा है। समिति में जल शक्ति मंत्रालय के सचिव द्वारा नामित संयुक्त सचिव व जल शक्ति मंत्रालय के सचिव के अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, दिल्ली जल बोर्ड, हरियाणा प्रदूषण बोर्ड और हरियाणा कृषि बोर्ड के एक-एक सदस्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट अब अगले शुक्रवार मामले पर सुनवाई करेगा।