कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार पर देश के रक्षा बजट में लगातार कमी करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि संसद की प्राक्कलन समिति ने मानसून सत्र में एक रिपोर्ट संसद के सामने रखी है जिसमें इस बात का खुलासा किया गया है कि सरकार देश के रक्षा बजट में लगातार कमी कर रही है। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद के नजरिये से सरकार इस समय देश का रक्षा बजट 1962 की तुलना में भी कम खर्च कर रही है।
पिछले वर्ष भारत ने अपने सकल घरेलू उत्पाद का महज 1.56 प्रतिशत खर्च किया। समिति ने यह भी कहा है कि सरकार ने सैनिक साजो सामान की खरीद के बजट में भी भारी कमी की है। पिछले चार वर्ष में यह 39 फीसदी से गिरकर 34 फीसद पर आ गया है। इससे साफ होता है कि भारत सरकार देश की सेनाओं के आधुनिकीकरण पर लगातार खर्च कम करती जा रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह रिपोर्ट उस समिति के द्वारा बनाई गई है जिसमें पूरी तरह से केंद्र सरकार के दल का वर्चस्व रहता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी इस समिति के अध्यक्ष हैं। कुल तीस सदस्यों वाली इस समिति में 16 सदस्य भाजपा से हैं।
इस समिति ने पिछले चार साल के बाद यह रिपोर्ट पेश की है यानी इस दौरान समिति ने मामले के हर पहलूओं का बारीकी से अध्ययन किया है। ऐसे में रिपोर्ट की बात पर किसी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने माउंटेन स्ट्राइक कोर को भी खत्म करने का फैसला किया है जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण फैसला है। उन्होंने कहा कि यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है।