सीबीआई ने मुंबई में कस्टम विभाग के पूर्व उपायुक्त शरद रंजन, अन्य सरकारी कर्मचारियों व निजी लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। रंजन पर निजी लोगों से मिलीभगत कर सितंबर 2017 से मार्च 2018 के दौरान सरकारी खजाने को साढ़े तीन करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप है।
‘ड्रॉ बैक’ अनुभाग में पद पर रहते रंजन ने सदरुद्दीन लसनवाला, इस्माइल शेख, रमेश सिंह, अर्जुन गोरेगांवकर, राजुकमार सूर्यनाथ चौरसिया और आशुतोष प्रताप सिंह के साथ मिलकर कुछ निर्यातकों के कई आयात निर्यात कोड (आईईसी) से ईडीआई सिस्टम अलर्ट हटा दिया। इसके बाद जाली खातों में साढ़े तीन करोड़ रुपये डालकर सरकारी खजाने को चपत लगाई।
बताया जा रहा है कि रंजन और अन्य ने जाली दस्तावेजों के आधार पर कई बैंक खाते खोले थे। आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, ठगी, जाली दस्तावेज बनाने, आपराधिक आचरण का अपराध दर्ज किया है।