बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 19 में प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पूर्ण अधिकार नहीं है। कोर्ट ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ ट्विटर पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली महिला को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की। महिला के खिलाफ मुंबई और पालघर पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एमएस कार्निक की पीठ ने हालांकि राज्य सरकार के उस मौखिक आश्वासन को मान लिया कि सुनैना होले को इस मामले में अगले दो हफ्तों तक गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
राज्य सरकार ने साथ में यह भी कहा कि यह राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि होले पुलिस की पूछताछ में कितनी मदद करती हैं। कोर्ट ने होले को हालांकि इस बात की इजाजत दे दी कि इस दौरान जब भी उन्हें ऐसा लगे कि उनके अधिकारों का हनन हो रहा हो या पुलिस बलपूर्वक कार्रवाई करती हो, तो वह कभी भी अदालत आ सकती हैं।
होले अपने वकील के जरिये अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके खिलाफ लगे सारे आरोप खारिज किए जाएं। उनके खिलाफ शिवसेना की युवा इकाई युवा सेना के नेता सहित अन्य लोगों ने साइबर क्राइम सेल, आजाद मैदान थाने और पालघर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
होले को अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी, तब तक महाराष्ट्र सरकार को भी जवाब दाखिल करने को कहा गया है।